शहर के व्यस्ततम मार्गों में शुमार रसूलपुर रोड पर रहने वाले लोग व राहगीर प्रदूषण के साए में रहने को मजबूर हैं। जर्जर सड़क होने के चलते यहां से गुजरने वाले वाहन धूल के गुबार उड़ाते निकलते हैं। वहीं भवन निर्माण सामग्री बेचने वाले भी मुसीबत को और अधिक बढ़ा देते हैं।
कचरा निस्तारण केंद्र व गंदगी डालने की जगह ना होने का अभिशाप भी यहां के लोग भुगतते हैं। कई स्थानों से कूड़ा लाकर यहां डाला जाता है, जिससे उठने वाली दुर्गंध दूर तक लोगों की सांसों में घुलती रहती है। बाकी कसर उन कचरे के ढेरों पर लगी आग पूरी कर देती है, जिसमें से निकलता जहरीला धूआं हालत खराब कर देता है।
लंबा समय हुआ रसूलपुर रोड विकास को तरस रही है। सड़क के नाम पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हैं। गड्ढों में अधिकतर बिना बरसात के भी पानी भरा रहता है। साइड में भवन निर्माण सामग्री विक्रेताओं पर रखा गया रेता उड़कर कर वाहन चालकों की समस्या को बढ़ाता है। जिससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दर्जनों गांव, कॉलोनियों व स्कूलों को जोड़ता है मार्ग
रसूलपुर रोड खंड के दर्जनों गांवों को शहर से जोड़ता है, जिनमें रोनीजा, लोहागढ़, रसूलपुर, छज्जूनगर, बड़ौली व अच्छेजा आदि शामिल हैं। गोलाया प्रोग्रेसिव स्कूल, निशांत, ओम इंटरनेशनल व ग्रीनवेल सहित कई नामी स्कूल भी इसी मार्ग पर पड़ते हैं। पॉश न्यू कॉलोनी, न्यू एक्सटेंशन कॉलोनी व आदर्श कॉलोनी सहित और भी कई छोटी-बड़ी आवासीय कॉलोनियां इस मार्ग पर स्थित हैं। इसी मार्ग पर मोक्षधाम (श्मशान भूमि) भी स्थित है, लेकिन वर्षों से इस मार्ग पर किसी ने ध्यान नहीं दिया है।
कचरा निस्तारण केंद्र ना होने का अभिशाप
शहर में कचरा निस्तारण का कोई स्थान ना होने के चलते बड़ी मात्रा में कूड़े को यहां ठिकाने लगाया जाता है। मोक्षधाम के आस-पास गंदगी के ढेर लगे रहते हैं तथा वहां घूमते बेसहारा पशु प्रदूषण बढ़ाने के साथ-साथ हादसों को भी न्योता देते हैं। सुबह के समय सफाई कर्मी या कुछ लोग गंदगी के ढेरों में आग भी लगा देते हैं, जिनसे उठने वाला धुआं राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनता है।
यहां रहने वाले लोग प्रदूषण के साए में जीने को मजबूर हैं। मैं तो इसी के चलते सांस की बीमारी से ग्रस्त हो चुका हूं। कई मंचों से इस समस्या को सुधारने की मांग की है, लेकिन अभी तक समस्या बनी हुई है।
-नरेंद्र मोहन मिश्रा, दुकानदार।
इस मार्ग को बनाए जाने की योजना बना ली गई है। अप्रैल माह में सीएम के कार्यक्रम के दौरान रसूलपुर चौक से हसनपुर तक इस मार्ग को बनाने की घोषणा की गई थी। सड़क के शहर में आने वाले हिस्से को सीमेेंटेड बनाया जाएगा। जल्दी ही एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को भेजा जाएगा व मंजूरी मिलते ही कार्य शुरू किया जाएगा।
-अशोक कुमार, एक्सईएन, पीडब्लयूडी।