पलवल। गांवों के विकास के लिए आई करोड़ों की राशि का गबन करने वाले सरपंचों पर अब गाज गिरेगी। जिला विकास एवं पंचायत विभाग ने ग्राम पंचायत का रिकॉर्ड जमा नहीं करवाने वले 30 सरपंचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आशंका है कि गबन को छिपाने के लिए ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड को सरपंचों ने खुर्द-बुर्द कर दिया है।
जिला विकास एंव पंचायत अधिकारी शमशेर सिंह नेहरा का कहना है कि रिकॉर्ड जमा न करवाने वाले सरपंचों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में सरपंचों का कार्यकाल बीते माह पूरा हो गया। अब ग्राम पंचायतों की कमान संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों को सौंप दी गई है। विभाग ने 23 फरवरी को सभी सरपंचों को ग्राम पंचायतों के रिकॉर्ड जमा करवाने के निर्देश दिए थे, लेकिन 47 सरपंचों ने अपना रिकॉर्ड जमा नहीं करवाया। अभी तक 30 ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जिनका रिकॉर्ड जमा नहीं हुआ है। इनमें सबसे ज्यादा हथीन खंड की ग्राम पंचायतें शामिल है।
इन ग्राम पंचायतों का नहीं आया रिकॉर्ड
जिला विकास एवं पंचायत विभाग के अनुसार हथीन की 19, होडल की छह, पलवल की तीन, पृथला व हसनपुर की दो-दो पंचायतों ने अभी तक रिकॉर्ड जमा नहीं किए हैं। केवल बड़ौली एकमात्र ऐसा ब्लॉक है, जिसकी सभी पंचायतों का रिकॉर्ड आ चुका है। हथीन ब्लॉक की आली ब्राह्मण, आलीमेव, अंधोप, बहीन, भीमसीका, चिल्ली, ढकलपुर, दुरैंची, गढ़ी विनोदा, गुराकसनर, हुड़ीथल, खाइका, मलोखड़ा, मठेपुर, मीरका, महलूका, मोहदमका, नांगल सभा व स्वामीका पंचायत, होडल ब्लॉक की पैंगलतू, सौंदहद, डाडका, अटोहां व सेवली, पलवल ब्लॉक की छज्जूनगर, अल्लीका व जलालपुर खालसा, पृथला की सोफ्ता व बघौला तथा हसनपुर कांवरका व डराना ने रिकॉर्ड जमा नहीं कराया है।
वर्जन-
काफी प्रयासों के बाद भी 30 ग्राम पंचायतों का रिकॉर्ड सरपंचों ने जमा नहीं करवाया है। उनके खिलाफ एफआईआर के लिए लिखा गया है। यदि किसी सरपंच ने गबन छिपाने के लिए रिकॉर्ड खुर्द-बुर्द किया है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। रिकॉर्ड जमा न करवाने वाली पंचायतों में यह जांच की जा रही है, पिछले पांच वर्षों में गांव के विकास के लिए कितने रुपये आए। - शमशेर सिंह नेहरा, जिला विकास एंव पंचायत अधिकारी