संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पिछले 11 दिन से हड़ताल पर बैठीं आशा वर्करों ने सरकार के खिलाफ शुक्रवार को भी जमकर नारेबाजी की। हड़ताल की अध्यक्षता यूनियन की नेता ममता ने की। संचालन बाला ने किया। बैठक में 28 अगस्त को विधानसभा घेराव को सफल बनाने का निर्णय लिया गया। हड़ताल पर बैठी आशा वर्करों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वर्कर्स ने बताया कि 21 अगस्त को दूधौला सीएचसी की वर्कर धरने में शामिल होंगी। यूनियन नेता गीता व सीआईटीयू के जिला सचिव रमेश चंद ने बताया कि सरकार जानबूझकर हड़ताल को नजरअंदाज कर रही है। जिससे आम जनता व विशेषकर गरीब जनता को बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं से दूर किया जा सके। पहले से ही स्वास्थ्य कर्मचारियों की भारी कमी की मार झेल रहे विभाग में आशा वर्कर्स की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने सरकार से मामले में तुरंत संज्ञान लेकर वर्ष 2018 से लंबित मांग व मुद्दों के समाधान की मांग की। उन्होंने बताया कि आशा वर्कर पहले ही अपनी मांगों की जानकारी सरकार के समक्ष समय-समय पर रख चुकी हैं। इसके बावजूद सरकार ने अभी तक प्रदेश की आशाओं की कोई सुनवाई नहीं की है।
हड़ताल को यूनियन नेता राज पांचाल, रोशनी होडल, मैमबती, पूनम, सरोज, रेखा, पुष्पा लीखी, पूजा होडल, सुनीता अरबन, कुसुम, रेणू, सुनीता होडल, आशा हसनपुर व लता डकौरा ने संबोधित किया।