फोटो 8,9,10,11 में हैं। कैप्शन: 8- जिला नागरिक अस्पताल में लगी लाइन कैप्शन: 9- लाइन में काफी देर लगे रहने से तबियत खराब होने पर बैंप् पर लेटे मरीज कैप्शन: 10- खुशी बच्ची कैप्शन: 11= सीमा शर्मा, वकील
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जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए दवाइयां तक नहीं
-डॉक्टर लिखता है चार दवाई, मरीज को अस्पताल में मिलती है एक दवा
-मजबूरी में मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती है दवा
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले के सबसे बड़े अस्पताल में सुविधाएं तो दूर छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी दवाइयां तक नहींं है। अस्पताल में मरीजों को डॉक्टर द्वारा लिखी जाने वाली दवाइयां पूरी नहीं मिलती है। मजबूरी में उन्हें दवाइयां बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ती हैं। यहां तक की अस्पताल का स्टाफ ही मरीजों व उनके परिजनों को बाहर किस मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी है, यह भी बताता है। हर दिन मरीजों को दवाइयां लेने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां न मिलने पर गरीब लोगों को कई बार तो बिना दवा खरीदे ही वापिस लौटना पड़ता है। जिससे उनका इलाज ठीक से नहीं हो पाता है। बृहस्पतिवार को भी ऐसा ही नजारा अस्पताल में देखने को मिला, जब डॉक्टरों द्वारा लिखी दवाइयां मरीजों को अस्पताल में नहीं मिली।
जिला नागरिक अस्पताल में बृहस्पतिवार को सुबह से ही डॉक्टरों को जांच कराने के बाद दवा केंद्र पर मरीजों व उनके परिजनों की लाइन लगी थी। बेहताशा गर्मी में खड़े मरीजों व परिजनों का हाल बुरा था। एक-दो बार तो कुछ मरीजों की हालत इतनी खराब हो गई कि उन्हें लाइन से हटकर वहां पड़ी बैंचों पर जाकर लेटना पड़ा। काफी देर लाइन में लगने के बाद मरीजों व परिजनों को पता चला कि जो दवाइयां डॉक्टरों द्वारा लिखी गई हैं, उनमें से आधी दवाइयां यहां उपलब्ध नहीं है।
टायफाइड के मरीज आ रहे ज्यादा
अस्पताल में इन दिनों गर्मी बढ़ने के बाद टायफाइड के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। ऐसे में मरीजों को पूरी दवाइयां न मिलने पर मरीजों को बाहर मेडिकल स्टोर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही है। अस्पताल में आए मरीजों की माने तो उल्टी-दस्त तक की दवाइयां अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। उन्होंने मांग की है कि दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं।
मैं अपनी मॉ के साथ डॉक्टर से जांच कराने आई हूं। डॉक्टर ने जो दवाइयां लिखी हैं, उनमें से मात्र एक दवाई मिली है।
-खुशी
जिला नागरिक अस्पताल ही नहींं, जिले में किसी भी सरकारी अस्पताल में न दवाईयां पूरी हैं और न ही अन्य सुविधाएं हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अलावा विधायकों व जिले के आला अधिकारियों को देखना चाहिए।
-सीमा शर्मा, वकील
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अस्पताल में जो दवाइयां नहीं हैं, उसके लिए मांग की गई है। दवाइयां आती हैं और खत्म हो जाती हैं। दवाइयों की मांग ज्यादा है। जल्द ही जिले के सभी अस्पताल में दवाओं की कमीं दूर करा दी जाएगी।
-डॉ. सुरेश कुमार वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी पलवल