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Palwal News: एनएच-919 होगा फोरलेन, सोहना-पलवल बाइपास के निर्माण के लिए बढ़े कदम

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परियोजनाओं से आने वाले समय में नूंह, तावडू और आसपास के क्षेत्रों के खुलेगा विकास का नया रास्ता
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17 गांवों की जमीन की खरीद-फरोख्त और हस्तांतरण पर लगी रोक
तावडू-सोहना बाईपास से दिल्ली-एनसीआर की राह होगी आसान

शेरसिंह डागर
नूंह। जिले के लिए आने वाला समय सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इसके लिए पलवल-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग-919 (पुराना एनएच-71बी) को फोरलेन करने और धारूहेड़ा-तावडू, सोहना-पलवल बाईपास के निर्माण की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर कदम उठाए जा रहे हैं। परियोजना को लेकर जिले के 17 गांवों की भूमि को अधिग्रहण के दायरे में लाया गया है। जिला राजस्व अधिकारी(डीआरओ) एवं सक्षम प्राधिकारी (भूमि अर्जन) ने 25 अगस्त को जारी पत्र के माध्यम से यहां की संबंधित जमीन की खरीद-फरोख्त और हस्तांतरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।
ये परियोजनाएं आने वाले समय में नूंह, तावडू और आसपास के क्षेत्रों के विकास का नया रास्ता खोलेंगी। दिल्ली-एनसीआर, रेवाड़ी, पलवल और अन्य शहरों तक आवागमन सुगम हो जाएगा।
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दस्तावेज के मुताबिक एनएच-919 के पुराने एनएच-71बी मार्ग पर किलोमीटर 26.460 से 47.100 तथा किलोमीटर 54.000 से 78.900 को फोरलेन करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा किलोमीटर 17.700 से 26.460 तथा 49.750 से 54.000 तक मौजूदा फोरलेन सड़क के री-डिजाइन की भी योजना है।
इसके साथ ही धारूहेड़ा-तावडू बाईपास, सोहना बाईपास और पलवल बाईपास तथा सड़क के चौड़ीकरण का भी प्रस्ताव है। इसका सबसे बड़ा असर भविष्य में यातायात व्यवस्था पर दिखाई दे सकता है। बाईपास बनने के बाद कस्बों के भीतर से गुजरने वाले भारी और लंबी दूरी के वाहनों का दबाव कम होने की संभावना है।

तावडू के 12 और इंडरी के पांच गांव होंगे प्रभावित

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तावडू तहसील के 12 गांव शामिल हैं। इनमें जौरासी, राठीवास, रंगाला, सुनारी, कालरपुरी, गौगजाका, तावडू, शिकारपुर, राहेड़ी, खरखड़ी, धुलावट और मंडला शामिल हैं। इसी प्रकार इंडरी उपतहसील के पांच गांवों में आटा, रामपुर, उदाका, भिरावटी और किरंज की जमीन भी प्रस्तावित परियोजना के दायरे में है। प्रशासन ने संबंधित भूमि के रिकॉर्ड में आवश्यक प्रविष्टियां दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जमीन से जुड़े रजिस्टर्ड दस्तावेज पर रोक सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बढेंगे रोजगार और कारोबार के अवसर
बेहतर सड़क का मतलब केवल कम समय में सफर करना नहीं, बल्कि कृषि उत्पादों की बाजार तक आसान पहुंच, व्यापारिक गतिविधियों में तेजी और नए कारोबारी क्षेत्रों के विकसित होने की संभावनाएं भी हैं। तावडू और आसपास के गांव दिल्ली-एनसीआर के नजदीक होने के बावजूद बेहतर परिवहन ढांचे की जरूरत महसूस करते रहे हैं। फोरलेन और बाईपास परियोजना पूरी होने के बाद इन क्षेत्रों की भौगोलिक कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे भविष्य में वेयरहाउसिंग, परिवहन, छोटे उद्योग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी अनुकूल माहौल बनने की संभावना है।

कागज से जमीन तक पहुंची प्रक्रिया

अभी परियोजना निर्माण के चरण में नहीं पहुंची है, लेकिन भूमि की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के प्रशासनिक आदेश को प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा सकता है। अब संबंधित गांवों के ग्रामीणों की नजर भूमि अधिग्रहण, मुआवजे और आगे की कार्रवाई पर रहेगी। प्रस्तावित फोरलेन और बाईपास परियोजना तय योजना के मुताबिक आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में एनएच-919 नूंह जिले के लिए सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि विकास का प्रमुख कॉरिडोर बन सकता है। दिल्ली-एनसीआर से बेहतर जुड़ाव, तावडू-सोहना क्षेत्र में सुगम यातायात और ग्रामीण क्षेत्रों तक बेहतर बाजार पहुंच नूंह की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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कोट
इलाके में आज सड़क और कनेक्टिविटी विकास की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल है, वहां आने वाले समय में यही सड़क आर्थिक गतिविधियों और विकास की नई धुरी बन सकती है। -अखिल पिलानी, डीसी, नूंह
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