फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमएसपी पर नहीं बिक रही मूंग की फसल, किसानों को करोंड़ो का घाटा

विज्ञापन
विज्ञापन
पलवल। जिले में मूंग की बंपर पैदावार का किसानों को फायदा नहीं मिल रहा है, क्योंकि सरकार ने मूंग की फसल की खरीदारी शुरू नहीं की है। जिसके चलते फसल को निजी एजेंसियों द्वारा औने-पौने दामों पर खरीद रहे हैं। लोगों को 1500 से दो हजार रुपये प्रति क्विंटल घाटे से अपनी फसल को बेचना पड़ रहा है। जिले में कुल मूंग की फसल का आंकड़ा देखा जाए तो अब तक किसानों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो चुका है। हरियाणा सरकार ने मूंग की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 7196 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जबकि पलवल अनाज मंडी में 5200 से 5800 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी जा रही है।
विज्ञापन

केंद्र व हरियाणा सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर फसलों को खरीदने का दावा खोखला साबित हो रहा है, क्योंकि मंडियों में मूंग फसल की सरकारी खरीद नहीं जा रही है। आढ़ती मनमाने दामों पर मूंग की फसल को खरीदकर किसानों को चूना लगा रहे हैं। इस बार जिले में मूंग की अच्छी फसल होने से किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद थी, परंतु एमएसपी पर फसल न बिकने से उन्हें घाटा हो रहा है। कृषि विभाग के अनुसार में 12 हजार हेक्टेयर में मूंग की बिजाई की गई है। इस बार जिले में 50 से 55 हजार क्विंटल मूंग की पैदावार होने की उम्मीद जताई जा रही है। एमएसपी पर खरीद न होने से किसानों को एक क्विंटल पर 1500 से 2000 रुपये का घाटा हो रहा है। यदि सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानों को करोड़ों रुपये का घाटा होने की उम्मीद है।
मैं मंडी में अपनी मूंग की फसल बेचने आया हूं। यहां पर 5500 रुपये रेट लगा रहे हैं, जबकि सरकारी रेट 7200 रुपये बताया गया है। इस बार फसल अच्छी हुई थी, परंतु कम रेट मिलने से कोई फायदा नहीं मिलेगा।
विज्ञापन

- राधेश्याम, किसान
मंडी में मूंग फसल लेकर आया हूं, परंतु व्यापारी 5200 रुपये रेट बता रहे हैं। एक तरफ सरकार एमएसपी पर खरीद करने का दावा करती है। दूसरी ओर मंडियों में सरकारी खरीद केंद्र ही नहीं बनाए हैं।
- कुलदीप, किसान
मंडी में मूंग के औने-पौने दाम लगाए जा रहे हैं। इससे मन बहुत आहत हो रहा है। किसान इतनी मेहनत से फसल उगाता है, परंतु सही दाम न मिलने से हर बार निराशा ही हाथ लगती है।
- लाखराम, किसान
पलवल अनाज मंडी में अब तक 20 हजार क्विंटल मूंग की फसल की आवक हुई है। सरकार द्वारा खरीद नहीं की जा रही है। मंडी में निजी एजेंसियों द्वारा खरीद की जा रही है। अभी मंडी में और फसल आने की उम्मीद है।
विज्ञापन

- नरवीर गहलौत, सचिव, मार्केट कमेटी पलवल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें