फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बामनीखेड़ा में बंदरों का उत्पात, कई लोगों को कर चुके हैं घायल

विज्ञापन
गांव बामनीखेड़ा में बंदरों द्वारा घायल बुजुर्ग मंतो देवी। - फोटो : Palwal
विज्ञापन
पलवल। गांव बामनीखेड़ा में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। आए दिन बंदर गांव के किसी न किसी व्यक्ति को काट लेते हैं। पिछले एक माह में गांव के करीब 10 लोगों को बंदर अपना शिकार बना चुके हैं। बंदर ज्यादातर बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों पर हमला कर रहे हैं। इतना ही नहीं बंदर घरों में घुसकर खाने-पीने के सामान को भी ले जाते हैं। जब उनका विरोध किया जाता है तो बंदर झुंड बनाकर टूट पड़ते हैं। बंदरों के उत्पात से परेशान लोगों ने कई बार जिला प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन

गावं बामनीखेड़ा में पिछले लंबे समय से ग्रामीण बंदरों के उत्पात से परेशान हैं। पहले भी ग्रामीणों ने अपने स्तर पर बंदरों को पकड़वाकर जंगल में छुड़वाया था, लेकिन अब दोबारा से बंदर गांव में आ गए हैं। गांव में बंदरों की संख्या काफी ज्यादा है। गांव के कई लोगों को घायल भी कर चुके हैं। बंदरों ने गांव की बुजुर्ग महिला मंतो देवी और प्रेमवती को हाल ही में घायल कर दिया है। इससे पूर्व गांव निवासी सतीश और अन्य कई बच्चों को भी बंदर नुकसान पहुंचा चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार बंदरों को पकड़वाने के लिए ग्राम सरपंच से शिकायत की गई है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
----
गांव में बंदरों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। आए दिन किसी न किसी को घायल करते हैं। बच्चों को अकेला नहीं छोड़ सकते हैं।
- शंकर लाल, निवासी बामनीखेड़ा
----
बंदर छतों पर रखी पानी की टंकी और टोटियां तोड़ जाते हैं। कपड़े और बर्तनों को भी लेकर भाग जाते हैं। छत पर अकेला व्यक्ति देखकर हमला कर देते हैं, जिससे उसके नीचे गिरने का भी खतरा रहता है।
विज्ञापन

- दयाराम उर्फ बंटी, निवासी बामनीखेड़ा
यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। संबंधित खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को गांव का निरीक्षण के निर्देश दिए जाएंगे। समस्या का समाधान जल्द करा दिया जाएगा।
विज्ञापन

- शमशेर सिंह नेहरा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें