पलवल। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत हुए कार्यों में फर्जीवाड़े की जांच के लिए दूसरी बार चंडीगढ़ से आई टीम योजना के तहत हुए कार्यों से संतुष्ट नहीं है। पंचायत विभाग चंडीगढ़ के अतिरिक्त उपनिदेशक निर्मल नागर ने मनरेगा कार्यों में अनियमितताएं पाई जाने की बात कही है। उन्होंने बताया कि अब तक किसी भी गांव में नियमानुसार काम नहीं मिले हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के दौरान अनियमितताओं का आकलन किया जाएगा। अभी जांच जारी है और रिपोर्ट बनाने में समय लगेगा।
जांच रिपोर्ट को जल्द ही पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सौंपा जाएगा। वहीं, जिला पंचायत विभाग के अधिकारियों, निवर्तमान सरपंचों, ठेकेदारों और मनरेगा से जुड़े अधिकारियों की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।
दरअसल, जिला विजिलेंस कमेटी के अध्यक्ष और अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह की निगरानी में मनरेगा घोटाला की जांच जारी है। चंडीगढ़ से दूसरी बार आई पंचायत विभाग विजिलेंस की टीम पिछले पांच दिन जांच में लगी है। मनरेगा व अन्य कार्यों से आठ कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा चुका है, जबकि 8 कर्मचारी स्वेच्छा से इस्तीफा दे चुके हैं। मनरेगा लोकपाल दो निवर्तमान सरपंचों सहित 13 अधिकारियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना और 3.61 लाख रुपये की रिकवरी के निर्देश दे चुकी है।
खंड स्तर पर जांच के लिए अधिकारियों को निर्देश
ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार ने हरियाणा विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखकर मनरेगा की जांच के निर्देश दिए थे। निर्देशों के आधार पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने एडीसी और जिला विजिलेंस कमेटी अध्यक्ष उत्तम सिंह को जांच के निर्देश दिए। निर्देशों के तहत एडीसी उत्तम सिंह ने पलवल खंड की जांच एसडीएम वैशाली सिंह, होडल खंड की जांच पंचायत विभाग चंडीगढ़ के अतिरिक्त उप निदेशक निर्मल नागर, हसनपुर खंड की जांच होडल एसडीएम वकील अहमद, बडौली खंड की जांच हरियाणा ग्रामीण विकास निधि प्रशासन बोर्ड के अधिकारी राजकुमार नरवाल, हथीन खंड की जांच पंचायती राज विजिलेंस ईश्वर सिंह और पृथला खंड की जांच ग्रामीण विकास विभाग के सिस्टम एनालिस्ट संदीप वाही को सौंपी है।
नांगल ब्राह्मण में हुई जांच से संतुष्ट नहीं है शिकायतकर्ता
गांव नांगल ब्राह्मण में मनरेगा के तहत हुए कार्यों की जांच को लेकर शिकायतकर्ता सुनील कुमार संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने दोबारा जांच के लिए उच्चाधिकारियों और अतिरिक्त उपायुक्त को शिकायत दी है। गांव के अनुसूचित जाति के लोगों के लिए बने पार्क में अनियमितताएं पाए जाने पर लोकपाल मनरेगा, निवर्तमान सरपंच राजकुमार सहित आठ अधिकारी तथा कर्मचारियों पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। शिकायतकर्ता का कहना है कि मामले में दोषियों पर कार्रवाई के साथ रिकवरी होनी चाहिए।