पलवल। यूक्रेन-रूस के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद पलवल जिले के अलावा भारत के अन्य राज्यों के छात्रों को सकुशल अपनी टीम के साथ मिलकर भारत भिजवाने के बाद अब होडल गढ़ी पट्टी का राहुल सौरात अपने घर पहुंचा है। घर पहुंचने पर राहुल सौरोत का उनके परिजनों के अलावा गांव के लोगों ने भी स्वागत किया। राहुल सौरोत के साथ पलवल जिले के अन्य तीन छात्र भी वापिस आए हैं। राहुल सौरोत ने यूक्रेन-रूस के युद्ध के दौरान वहां फंसे छात्रों को निकालने में वरिष्ठ अधिकारी अमरिक सिंह ढिल्लो के साथ मिलकर एक हजार से अधिक छात्रों को सकुशल भारत भिजवाने में स्वयंसेवक के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
राहुल सौरोत ने बताया कि वह यूक्रेन के उजोर्ड विश्वविद्यालय में एमबीबीएस का पांचवें साल का छात्र है। यूक्रेन व रूस का युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन के अन्य शहरों कीव, सूमी में फंसे छात्रों को उनकी विश्वविद्यालय में सुरक्षित बुलवाया गया। इस कार्य को उनके वरिष्ठ अधिकारी जो कि सरकार की तरफ से अधिकारिक तौर पर वहां छात्रों को निकालने में लगाए गए थे। उनके साथ मिलकर छात्रों को रोमानिया बार्डर पर पहुंचाने के बाद भारतीय हवाई जहाजों के माध्यम से भारत पहुंचाया। उन्होंने बताया कि उनका नाम सूची में आने वाले छात्रों में शामिल था, लेकिन उन्होंने सर्व प्रथम अपने जिले के पांच छात्रों जिनमें उसी के गांव के दीपक तथा राज, दीघोट गांव निवासी सचिन सहित दो अन्य छात्रों को पहले भिजवाया। उसके बाद पलवल जिले के करीब 15 छात्रों को निकलवाया, क्योंकि वे सभी छात्र वहां प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के छात्र थे। उसके बाद अधिकारी अमरिक सिंह ढिल्लो के साथ मिलकर उनके विश्वविद्यालय में रुके छात्रों के लिए भोजन, पानी व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग दिया तथा अब सभी के वापिस लौटने के बाद वह स्वयं भारत अपने घर पहुुंचा है। उसके पलवल पहुंचने पर उसके परिजनों को खुशी है।