थाना प्रभारी हरिकिशन ने बताया कि उपमंडल के एक गांव निवासी युवती ने अपने बयान में कहा कि दस वर्ष पूर्व उसकी शादी नूंह जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति से हुई थी। उनके चार बेटियां हैं। पीड़िता का पति मजदूरी करता है और अधिकतर घर से बाहर रहता है। दो पड़ोसियों ने दो वर्ष पूर्व घर में अकेला पाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और वीडियो बना लिया।
इसके बाद आरोपी उसे ब्लैकमेल कर दुष्कर्म करते रहे। आरोपियों ने किसी को न बताने को लेकर महिला को डराया धमकाया। मार्च में भी आरोपियों ने दुष्कर्म किया। इससे परेशान होकर पीड़िता ने पति को आपबीती बताई। लेकिन पति ने उल्टा उसे धमकाया और कहा कि “तेरे लड़के तो होते नहीं हैं, मुझे कोई एतराज नहीं, अगर लड़का नहीं हुआ तो ऐसा ही होता रहेगा।'
पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी उसे एक गाड़ी में बैठाकर मायके के गांव की तरफ ले गए। रास्ते में भी उसके साथ दुष्कर्म किया और गांव के बाहर छोड़ दिया। पीड़िता ने मायके पहुंचकर अपनी मां को पूरी घटना बताई। मायके वालों ने ससुराल पक्ष से बात की। पंचायत में रखने का आश्वासन दिया गया, लेकिन बाद में पीड़िता के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया।