बीपीएल कार्ड धारक को केवल परिवार के सदस्य का निधन होने पर अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय में एक लिखित अर्जी देनी होगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को यहां पलवल में झलकारी बाई जयंती पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके मन में काफी समय से थी कि गरीब परिवार में किसी के निधन होने पर बड़ी समस्या आ जाती है। ऐसे में मृतक व्यक्ति की कमी तो पूरी नहीं की जा सकती, लेकिन सहायका के रूप में मुआवजा अवश्य दिया जा सकता है। उसी को लेकर यह योजना शुरू की गई है।
मुआवजा देने के लिए यह रहेगा स्लैब
मुख्यमंत्री मनोहर द्वारा की गई घोषणा के तहत 1 लाख, 80 हजार रुपये से कम आय वाले बीपीएल परिवारों के घर में छह से 12 साल तक के बच्चे के निधन पर एक लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी। उसके अलावा दो से 18 साल तक के सदस्य के निधन पर दो लाख रुपये, 18 से 25 साल के सदस्य के निधन पर तीन लाख रुपये, 25 साल से 45 साल तक के सदस्य के निधन पर पांच लाख रुपये और 45 साल से 60 साल तक के सदस्य के निधन पर तीन लाख रुपये की राशि मुआवजा के रूप में दी जाएगी।
पत्नी के निधन के बाद पति को मिलेगी पेंशन
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि जिस व्यक्ति की 40 साल आयु के बाद पत्नी का निधन होगा, उसे भी अब सरकार की तरफ से पेंशन दी जाएगी। इसके अलावा जिन व्यक्तियों की किसी कारणवश शादी नहीं हुई है और वे कुंवारे रह गए हैं, उन्हें 45 साल की आयु पूरी होते ही पेंशन दी जाएगी। मख्यमंत्री ने कहा कि अब मकान की मरम्मत के लिए 80 हजार रुपये, मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत गरीब परिवार की लड़की की शादी के लिए 71 हजार रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि एक जनवरी 2024 से बुजुर्ग व विधवा सम्मान पेंशन तीन हजार रुपये दी जाएगी।