हथीन। वाहन चोर निरोधक दस्ते ने उमरशेद हत्याकांड के मुख्य आरोपी जसवंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। बृहस्पतिवार को आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर पांच दिन की पुलिस रिमांड पर ले लिया। हालांकि आरोपी ने इस हत्याकांड में अपनी संलिप्तता अब तक नहीं स्वीकारी है। दरअसल, रविवार सुबह झूठी शान में उमरशेद की गोली मार कर हत्या की गई थी।
इस बारे में जानकारी देते हुए जांच अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि हत्याकांड के अभियुक्त जसवंत को गुरुग्राम के सोहना बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किया गया है। हत्याकांड के संदर्भ में आरोपी से गहराई से पूछताछ जारी है। उनके अतिरिक्त उसका मोबाइल एवं सिम भी बरामद करना है। इसके लिए उसे पुलिस रिमांड पर पांच दिन के लिए लिया गया है। गिरफ्तार आरोपी जसवंत सिंह का कहना है कि हत्या किसने की उसके बारे में उसे कुछ नहीं पता। उसका कहना है कि हत्या कराने के लिए उसने किसी गिरोह से कोई संपर्क नहीं किया। ना ही किसी को सुपारी दी है। उसका कहना है कि यदि उसने अपनी पुत्री के प्रेम संबंधों के बारे में पता होता तो वह उसकी शादी में 26 लाख रुपये क्यों खर्च करता। जसवंत सिंह ने बताया जब उमरशेद लड़की को लेकर आ गया तो उन्होंने समाज के लोगों से उसकी सुरक्षित वापसी करने की मांग अवश्य की थी। उसके लिए उन्होंने बहुत लोगों से संपर्क भी साधा व हथीन में आकर पंचायतें भी की परंतु उसकी वापसी नहीं हो पाई। बार-बार पूछने के बावजूद जसवंत ने हत्या करने वाले के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। उसका कहना है कि वह उसके बारे में पूरी तरह अनजान है। उसका कहना था उमरशेद उसके परिवार के संपर्क में वर्ष 2015 में आया था। उसने ताबीज एवं तांत्रिक विद्या से इलाज करने की बात कही थी। वह सर्वप्रथम उनके पैतृक गांव मंगलेश्वर जिला रेवाड़ी के ब्राह्मण परिवार के संपर्क में आया। उसके बाद वह उसके परिवार की महिलाओं और पुरुषों को ताबीज देने के बहाने से जाने लगा। संपर्क में आने के बाद उससे कई बार में पौने तीन लाख की धनराशि उधार भी ली। परंतु वह उसे आज तक वापस नहीं दी है।
किसी बड़े गिरोह के द्वारा की गई है उमरशेद की हत्या
हथीन। हत्याकांड की जांच कर रहे जांच अधिकारी राकेश का कहना है कि उमरशेद की हत्या एक जाति विशेष के नेतृत्व वाले गिरोहों ने नियोजित साजिश के तहत की है। गिरोह और उसके मुखिया का नाम पता चल गया है परंतु मुकदमे की जांच प्रभावित ना हो। इसलिए उसका नाम उजागर नहीं किया जा रहा है। उक्त गिरोह के पीछे पहले ही कई मुकदमों में पुलिस पीछे लगी हुई है। पुलिस का मानना है कि उमरशेद की हत्या एक जाति विशेष के गिरोह ने झूठी शान के लिए की है। अभी तक की जांच में ना तो शार्प शूटरों की पहचान हो पाई है और ना ही अब तक की पूछताछ के क्रम में किसी प्रकार की सुपारी देने की बात सामने आई है।