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तीन जिलों की महिला मंडल ने दिया धरने को समर्थन

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पलवल। कृषि कानूनों को विरोध में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहा किसानों का धरना 33वें दिन भी जारी रहा। सोमवार सुबह भारी बारिश के बावजूद भी किसानों का हौसला कम नहीं हुआ। वहीं विभिन्न कर्मचारी व सामाजिक संगठनों ने धरने को समर्थन दिया। इस दौरान पलवल, फरीदाबाद व गुरुग्राम की महिला मंडल ने भी अपना समर्थन दिया।
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सोमवार को धरने में कर्मचारी यूनियन सीटू के तत्वावधान में पलवल, फरीदाबाद व गुरुग्राम की आंगनबाड़ी, आशा व मिड-डे मील वर्कर पहुंचीं। धरने की अगुवाई सीटू की राष्ट्रीय सचिव एआर संधु ने की। सभी महिलाएं गांव कुसलीपुर स्थित गुर्जर धर्मशाला में एकत्रित हुई, जहां से जुलूस निकालते हुए धरना स्थल पर पहुंची। एआर संधु ने संबोधित करते हुए कहा कि किसानों के साथ मजदूर भी पूंजीपतियों के व्यापारिक संस्थानों पर धरना दे रहे हैं। किसान व मजदूर एक दूसरे के पूरक है। उनका संगठन पिछले छह माह से किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष कर रहा है। प्रदेश अध्यक्ष सुरेखा ने कहा कि सरकार ने किसानों को मंडी से आजादी दिलाने के कानून बनाए हैं। किसान सरकार को कुर्सी आजादी दिलाने का काम करेगी। उन्होंने कहा कि आज देश का कमेरा वर्ग एक हो गया है। सरकार को सभी कानून वापस लेने पड़ेंगे। इस मौके पर अखिल भारतीय जनवादी महिला मोर्चा की पदाधिकारी ऊषा देवी, जयभगवान, श्रीपाल सिंह भाटी, रामरति चौहान, सचिव भागीरथ बेनीवाल, देवेंद्र शर्मा, उर्मिला रावत आदि मौजूद रहे।
किसान सुरेंद्र सिंह सिद्धू को दी गई श्रद्धांजलि
2 दिसंबर को मध्य प्रदेश के किसानों के साथ धरने की शुरुआत करने वाले करीब 70 वर्षीय किसान सुरेंद्र सिंह सिद्धू की रविवार की रात मौत हो गई। सिद्धू की पिछले दिनों ठंड के कारण तबियत खराब हो गई थी और उनका इलाज दिल्ली के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। सोमवार को उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव मैना, तहसील डबरा, जिला ग्वालियर में किया गया। इस मौके पर जयनारायण चौहान, ज्ञान सिंह चौहान, रतन सिंह सौरोत, राजवीर लवानिया, ऋषिपाल चौहान, राहुल तंवर, महेंद्र रावत, रवि तेवतिया, कुल्लू चौहान मुख्य रूप से मौजूद थे।
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भूख हड़ताल पर रहे किसान सभा के पदाधिकारी
कानून वापसी की मांग को लेकर किसानों की क्रमिक भूख हड़ताल 15वें दिन भी जारी रही। सोमवार को अखिल भारतीय किसान सभा के जिला इकाई के पदाधिकारी भूख हड़ताल पर रहे। भूख हड़ताल करने वालों में रमेश चंद सौरोत, रूपराम तेवतिया, दरयाव सिंह सौरोत, तारा चंद डागर, डिगंबर सिंह तेवतिया, देवरतन तेवतिया, जोगेंद्र सिंह, होशियार सिंह, राजकुमार, जसवंत व कमल सिंह शामिल रहे।
बारिश के बचाव की चलती रही तैयारियां
सोमवार को बारिश से बचाव के लिए किसान तैयारियों में जुटे रहे। धरना स्थल के पंडाल में पानी अंदर न आए इसके लिए रस्सी लगाने का काम किया गया, वहीं लंगर सेवा सुचारू रूप से चलती रही। इसके लिए वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया। वहीं किसानों को ठहरने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए चंडीगढ़ की सिख रिलीफ संस्था द्वारा 25 छोटे वाटरप्रूफ तंबु भेंट किए गए।
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