विवाद के चलते 15 दिन से आधा गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। कारण, नए लगे बिजली के खंभों पर तार नहीं खींचे गए हैं। इसके लिए समाज, शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी पृथला, बिजली निगम के एसडीओ व ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व पुलिस को शिकायत देकर सहयोग करने की अपील की गई है।
गांव सिकंदरपुर में पिछले दिनों एक खंभा टूट गया था। बिजली निगम ने उसके स्थान पर नया खंभा वहां से कुछ दूरी पर लगा दिया, लेकिन गांव के कुछ लोगों के विरोध के चलते उस पर तार नहीं डाला गया। उक्त लोगों का आरोप है कि यह बिजली का खंभा उनकी जमीन पर है, जबकि जब जांच कराई गई तो खंभा पंचायत की जमीन पर मिला।
खंभे पर तार लगाने के लिए बिजली निगम के एसडीओ ने पुलिस से की मांग की, लेकिन पुलिस की मदद न मिलने के कारण 15 दिन बीत जाने के बाद भी गांव में अंधेरा है।
गांव की सरपंच कविता डागर ने बताया कि बिजली का खंभा जिस स्थान पर लगाया गया है, वह जमीन पंचायत की है।
इसकी शिकायत समाज, शिक्षा एवं पंचायत अधिकारी वकील अहमद को भी दी गई है। बीडीओ वकील अहमद का कहना है कि जहां खंभा लगाने का कुछ लोग विरोध कर रहे हैं, उसकी नपाई हो गई है, उक्त जमीन ग्राम पंचायत की है। बिजली निगम के एसडीओ बृजभूषण शर्मा का कहना है कि बिजली निगम ने पुलिस को शिकायत देकर कहा है कि पुलिस अपनी देखरेख में उक्त बिजली के खंभे पर तार डलवाए, जिससे ग्रामीणों को गर्मी के मौसम में बिजली मिल सकें।