अनाज मंडियों में गेहूं का उठान धीमी गति से होने के कारण वह अनाज से पटी पड़ी हैं। इसके चलते व्यापारियों का भुगतान भी रुका हुआ है। किसान भी परेशान हैं। वहीं गेहूं के खुले में पड़े होने से बारिश में अनाज के भीगने का भी खतरा भी मंडरा रहा है।
पलवल की अनाज मंडी में बुधवार तक छह लाख क्विंटल से अधिक अनाज की खरीद हो चुकी है, लेकिन अभी तक 20 प्रतिशत माल भी नहीं उठा है। इस कारण मंडी में पैर रखने तक की जगह भी नहीं है। ऐसा ही हाल होडल व हसनपुर की मंडियों का भी है।
हथीन की अनाज मंडी में खरीद का जिम्मा वेयर हाउस व हैफेेड को दिया हुआ है। रिकार्ड के मुताबिक हैफेड ने अब तक 93 हजार 985 क्विंटल व वेयर हाउस ने एक लाख 65 हजार 484 क्विंटल गेहूं की खरीद की है। कुल मिलाकर मंडी में अब तक दो लाख 58 हजार 470 क्विंटल गेहूं खरीदा जा चुका है। खरीदे गए इस गेहूं में से मात्र 44 हजार 600 क्विंटल गेहूं का ही उठान हो पाया है।
बताया जा रहा है कि वेयर हाउस ने 27 हजार 100 क्विंटल तथा हैफेड ने मात्र 17 हजार 500 क्विंटल गेहूं ही उठाया है। मार्केट कमेटी के पलवल के सचिव सत्यप्रकाश व हथीन के सचिव लेखचंद ने कहा है कि खरीद एजेंसी के अधिकारियों से बात करके उठान में तेजी लाई जाएगी।