संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। शहर में स्थित उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि पर संभावित अवैध कब्जों की जांच के लिए सोमवार को विभाग की ओर से पैमाइश का कार्य शुरू किया गया। विभागीय अधिकारियों और राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर निरीक्षण भवन के आसपास की भूमि का सीमांकन किया। मंगलवार को नहर क्षेत्र की जमीन की पैमाइश की जाएगी, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन से पुलिस बल की मांग भी की गई है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ नगेंद्र सिंह के नेतृत्व में चली कार्रवाई में विभाग के कनिष्ठ अभियंता आरएस डागर, रीडर कैनाल मजिस्ट्रेट विनोद कुमार, सिंच पर्यवेक्षक मेघश्याम शर्मा, अनिल कुमार, जिलेदार नारायण सिंह सहित पुन्हाना तहसील के पटवारी, गिरदावर और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। पैमाइश के दौरान राजस्व अभिलेखों के आधार पर विभागीय भूमि की स्थिति का मिलान किया गया।
जानकारी के अनुसार, पुन्हाना एसडीएम की ओर से तहसीलदार संजीव नागर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था, लेकिन किसी कारणवश वे मौके पर नहीं पहुंच सके। इसके बावजूद विभागीय टीम ने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पैमाइश का कार्य जारी रखा।
पैमारोड के निकट पांच एकड़ भूमि की पैमाइश
रीडर कैनाल मजिस्ट्रेट विनोद कुमार ने बताया कि सोमवार को पैमारोड के निकट स्थित सिंचाई विभाग के निरीक्षण भवन से संबंधित करीब पांच एकड़ भूमि की पैमाइश की गई है। प्रारंभिक स्तर पर सीमांकन की प्रक्रिया पूरी की गई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को नहर की भूमि की पैमाइश की जाएगी, जिसके दौरान किसी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल की मांग की गई है।
विनोद कुमार ने कहा कि पैमाइश पूरी होने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि विभाग के पास वास्तविक रूप से कितनी भूमि उपलब्ध है और कितनी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है। इसके बाद कब्जाधारियों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। निर्धारित समयावधि में कब्जा नहीं हटाने पर विभाग की ओर से प्रशासनिक सहयोग लेकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।