पृथला खंड के गांव अमरपुर निवासी सुनील लांबा ने मंगलवार को नौसेना प्रमुख का कार्यभार संभाल लिया। उनके पदभार संभालने पर उनके पैतृक गांव सहित जिले के लोगों ने खुशी जताई। गांव अमरपुर में परिजनों व ग्रामीणों ने लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया।
नौसेना प्रमुख के पद पर नियुक्ति के बाद गांव में उनके भव्य स्वागत की तैयारी की जा रही है। जून माह में गांव के लोग उन्हें आमंत्रित करने के लिए जाएंगे।
सुनील लांबा 17 जुलाई 1957 को मुंबई में जन्मे थे। उनके दादा चौधरी सौदान सिंह ने वर्ष 1922 में सेंट स्टीफन कॉलेज दिल्ली से बीए पास किया और जालंधर में को-ऑपरेटिव रजिस्ट्रार के पद पर सेवारत रहे। सुनील के पिता राजेंद्र सिंह नेवी में एजुकेशन कोर में कमाडेंट रहे। राजेंद्र सिंह की मुंबई में नियुक्ति के दौरान ही सुनील लांबा का जन्म हुआ।
लांबा की प्रारंभिक शिक्षा भी मुंबई में हुई। राजेंद्र सिंह का ट्रांसफर बाद में मुंबई से अजमेर हो गया। तो सुनील ने आगे की शिक्षा डिफेंस स्कूल अजमेर से प्राप्त की। लांबा के पिता राजेंद्र सिंह लांबा द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान सेना के शिक्षा विभाग में कमांडर के पद से रिटायर हुए। बाद में वह सहकारी समितियों के उप रजिस्ट्रार रहे। उनकी माता विमला लांबा फिलहाल दिल्ली में रह रही हैं। सुनील के भाई अनिल भी नेवी से लेफ्टीनेंट के पद से रिटायर हुए हैं। सुनील लांबा की जमीन जायदाद व बाग आज भी गांव में हैं। वह अक्सर गांव में आते रहते हैं। सितंबर 2015 में भी वह गांव में आए थे।
सुनील के 83 वर्षीय चाचा धर्मवीर लांबा पेशे से किसान हैं। लांबा की चाची सरिता लांबा का कहना है कि वह बहुत ही मिलनसार हैं। उनकी पत्नी रीना का स्वभाव भी काफी अच्छा है, वह घरेलू महिला हैं। उनकी चाची सरिता लांबा ने बताया कि सुनील साधारण किस्म का लडका है। उसे खाने में दही, कढ़ी, प्याज और मिठाई बहुत पसंद है।
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-सुनील लांबा का नौसेना प्रमुख पद पर नियुक्त होना गांव व इलाके के लिए गौरव की बात है। उन्होंने अमरपुर का नाम देशभर में रोशन कर दिया है। पूर्व में वह जब भी गांव आते रहे। सभी लोगों से मिलकर जाते थे और सभी का दुख-दर्द पूछते थे। नौ सेना प्रमुख बनाए जाने पर उनका गांव और जिले की तरफ से स्वागत किए जाने की तैयारियां की जा रही हैं।
-राजीव लांबा, एडवोकेट।
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-सुनील लांबा की नियुक्ति इलाके के लिए गौरव की बात है। उनकी नियुक्ति से नौजवानों को प्रेरणा मिलेगी तथा उनसे प्रेरणा लेकर वह भी जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर पाएंगे।
-सुभाष कत्याल, पूर्व मंत्री, हरियाणा सरकार।