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Palwal News: अस्पताल में स्ट्रेचरों की कमी, मरीजों को हो रही परेशानी

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15पीएएलपी11- आपातकाल कक्ष के बाहर पड़ा टूटा स्ट्रेचर।
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15पीएएलपी12- बिना मरम्मत के कबाड़ में पड़े स्ट्रेचर।
ज्यादा स्ट्रेचरों की हालत खस्ता, किसी में पहिया नहीं तो किसी की वेल्डिंग टूटी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। जिले के सबसे बड़े जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों को छोटी-छोटी सुविधाएं तक नहीं मिल रही हैं। अस्पताल में मरीजों को न तो पर्याप्त दवाइयां मिलती हैं और न ही वार्ड तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर तक की सुविधा। अस्पताल के आपातकाल विभाग के बाहर भी एंबुलेंस से मरीज को अंदर ले जाने के लिए स्ट्रेचर मौजूद नहीं रहते हैं। मजूबरी में मरीजों के परिजन मरीजों को गोद में उठाकर अस्पताल में अंदर तक ले जाते हैं। इस बात की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को भी है, लेकिन आज तक किसी समस्या का समाधान तक नहीं हो पाया है।
पलवल के नागरिक अस्पताल में इन दिनों स्ट्रेचर की कमी के चलते मरीजों को परेशानी हो रही है। अस्पताल में स्ट्रेचरों की कमी के चलते मरीजों के तीमारदार इधर-भटकते रहते हैं। आपातकाल वार्ड में आने वाले मरीजों को काफी परेशानी होती हैं, क्योंकि यहां दुर्घटना में आने वाले मरीज चलने-फिरने के काबिल नहीं होते। वहीं मरीज को जल्द से जल्द उपचार देने की जरूरत होती है। यहां स्ट्रेचर होता भी है तो टूटा हुआ होता है, जो किसी काम नहीं है। अस्ताल में स्ट्रेचर की सुविधा न मिलने पर मरीजों के परिजनों तथा स्वास्थ्य कर्मियों का इस बात को लेकर कई बार झगड़ा तक हो चुका है। एक-दो बार तो हाथापाई तक की नौबत आ चुकी है, लेकिन उसके बावजूद कोई सुनवाई करने को तेयार नहीं है।
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अस्पताल में इक्का-दुक्का स्ट्रेचर है भी तो उनमें से अधिकांश की कुर्सियों में पहिया नहीं है। या फिर कुछ इस तरह से टूटे व खराब कबाड़ घर में पड़े हैं। मृतकों को गाड़ी से उतारकर मोर्चरी के अंदर तक ले जाने वाले स्ट्रेचरों की हालत तो बेहद खराब है। आए दिन अस्पताल में इन बातों को लेकर झगड़ा तक हो जाता है, लेकिन उसके बाद भी किसी का ध्यान नहीं है।

स्ट्रेचर का यदि पहिया टूट जाता है, या फिर किसी पाइप की वेल्डिंग छूट जाती है तो उसकी मरम्मत की जहमद कोई नहीं उठाता। उन्हें उठाकर कबाड़ में फेंक दिया जाता है। कबाड में पड़े स्ट्रेचर व व्हील चेयरों में से काफी तो गायब हो चुके हैं। फिलहाल जो कबाड़ में पड़े हैं, उन्हें ठीक कराने की तरफ भी किसी का ध्यान नहीं है।
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मैं इस बारे में जानकारी लेकर खराब पड़े स्ट्रेचरों व व्हील चेयरों को ठीक करवाने का निर्देश दूंगा, ताकि मरीजों को सुविधा मिल सके। जल्द ही स्ट्रेचर व व्हील चेयर की सुविधा मरीजों को गेट पर ही मिलेगी। -डॉ. लोकवीर सिंह, जिला सिविल सर्जन
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