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एतिहासिक होगी किसान विजय यात्रा

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पलवल। तीन कृषि कानूनों की वापसी व न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी कानून पर कमेटी बनाने के बाद कल किसान धरने का समापन होगा। किसानों ने कहा कि इस एतिहासिक आंदोलन का समापन भी साधारण नहीं होगा। 11 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाया जाएगा। शहर में विजय यात्रा निकाल कर खुशी जाहिर की जाएगी। यात्रा में शामिल किसानों पर फूलों की वर्षा होगी और जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया जाएगा। विजय यात्रा में पलवल के हर गांव से किसान भारी संख्या में हिस्सा लेंगे। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ बाइकों व कारों में किसान यात्रा में शामिल होंगे। यात्रा के बाद सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी आभार जता कर किसान अपने घरों को लौट जाएंगे।
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शुक्रवार को धरना स्थल पर शोक सभा का आयोजन किया गया। शोक सभा में सीडीएस विपिन रावत सहित सभी मृत सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शोक सभा में दो मिनट का मौन भी रखा गया। शोक सभा की अध्यक्षता बुजुर्ग किसान मट्ठर सिंह चौहान ने की, जबकि संचालन दरियाब सिंह बंचारी ने किया। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव रतनसिंह सौरौत व मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि किसानों ने जिस मानसिक शारीरिक और आर्थिक उत्पीड़न को झेलते हुए अपना संघर्ष जारी रखा तथा तमाम तकलीफों के बावजूद अपने इरादों से डिगे नहीं, इस लिहाज से यह देश के इतिहास में किसानों की सबसे बड़ी जीत है। किसानों ने देश और दुनिया के सामने आंदोलन की एक ऐसी नजीर पेश की है कि मजबूत इरादों के साथ सफलता हासिल की जाती है।
धरने में बोलते हुए किसान नेता स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती व ब्लॉक समिति सदस्य राजकुमार ओहलियान घुघेरा ने कहा कि किसानों ने अपने रुख में नरमी दिखाते हुए आंदोलन को स्थगित कर दिया है। 11 दिसंबर को विजय यात्रा निकालकर किसान अपने खेतों में लौट जाएंगे। सरकार के लिखित आश्वासन की समीक्षा व विश्लेषण करने के लिए 15 जनवरी 2022 को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक की जाएगी।
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धरने में किसान नेता धर्मचंद घुघेरा, ज्ञान सिंह चौहान, सोहनपाल चौहान, रघुबीरसिंह, ताराचंद, रमेश चंद सौरौत, सरफुद्दीन मेवाती, नरेंद्र सहरावत, शिवसिंह थानेदार, धनीराम थानेदार, राजेंद्र बैंसला, अच्छेलाल, गोपी हवलदार, रामसिंह चौहान, समय सिंह कुंडू, जयदेव चौहान, बृजलाल चौहान, निशार कोट ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
किसान विजय यात्रा में भारी संख्या में शामिल होने की अपील
किसान संघर्ष समिति पलवल ने सभी किसानों, मजदूरों, छात्रों, कर्मचारियों, वकीलों एवं सभी जनसंगठनों से कल की विजय दिवस यात्रा में बढचढ़ कर भाग लेने की अपील की। सभी किसान कल 10 बजे धरना स्थल पर इकट्ठा होंगे, जहां से किसान ट्रैक्टर, कार, बाइक और अन्य वाहनों से शहर में जुलूस निकालेंगे। यात्रा को लेकर गांवों में सूचना भिजवा दी गई है। यात्रा राष्ट्रीय राजमार्ग से बस स्टैंड होते हुए दिल्ली गेट पहुंचेगी, जहां से शहर के बीचों बीच पुराना जीटी रोड से होते हुए धरना स्थल पहुंचेंगी। जहां यात्रा का समापन होगा।
किसान धरना समाप्त होने पर दाढ़ी कटवाने का लिया था संकल्प
अटोहां चौक पर चल रहे किसान आंदोलन में क्षेत्र के हर गांव ने भरपूर सहयोग दिया, परंतु अटोहां गांव की निष्ठा ने पूरे क्षेत्र के मन को मोह लिया। गांव के बुजुर्ग से लेकर बच्चों और महिलाओं तक ने धरने में अपनी जी जान लगा दी। गांव के किसानों की निष्ठा के सैकड़ों उदाहरण हैं, परंतु गांव के दो बुजुर्ग किसान ऐसे हैं, जिन्होंने धरना समाप्ति पर ही अपनी दाढ़ी कटवाने का संकल्प लिया और एक साल से अपनी दाढ़ी नहीं कटवाई। गांव अटोहां निवासी हरि सिंह चौहान व मेवाराम अब शनिवार को धरना समाप्ति के साथ ही अपनी दाढ़ी कटवाएंगे। किसानों की इस निष्ठा की पूरी क्षेत्र में वाहवाही हो रही है। दोनों किसान ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं है, खेती-किसानी पढ़ाई का उन्हें पूरा ज्ञान है। किसान संघर्ष समिति ने इन किसानों को विशेष रूप से सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
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