जिला नगर योजनाकार विभाग ने की कार्रवाई, केजीपी के किनारे से हटाए गए ढाबे-दुकान
12 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से विकसित हो रही थी कॉलोनी
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल।
अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ जिला नगर योजनाकार विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीम ने केजीपी एक्सप्रेसवे के दोनों ओर और नियंत्रित क्षेत्र के गांव बहरौला में अवैध ढाबों, दुकानों और निर्माण पर बुलडोजर चलाया। कार्रवाई के दौरान केजीपी के किनारे से पांच से सात अवैध ढाबे, दुकान और अन्य निर्माण हटाए गए।
वहीं, बहरौला की राजस्व संपदा में करीब 12 एकड़ भूमि पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी पर पहुंची जिला नगर योजनाकार की टीम ने करीब 45 डीपीसीएल, बाउंड्रीवाॅल, सड़क नेटवर्क और डीलर ऑफिस को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से विकसित किए जा रहे निर्माण को पूरी तरह हटाया गया।
प्रशासन और भारी पुलिस बल रहा मौजूद
जिला प्रशासन के सहयोग से हुई कार्रवाई के दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट अनिल मलिक मौके पर मौजूद रहे। विभाग के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, फील्ड स्टाफ और पुलिस बल ने भी कार्रवाई में सहयोग किया। विभाग के अनुसार, कार्रवाई हरियाणा नियंत्रित क्षेत्र अधिनियम, 1963 और शहरी क्षेत्र अधिनियम, 1975 के प्रावधानों के तहत की गई।
प्लॉट खरीदने से पहले वैधता जांचें
विभाग ने आमजन से अपील की है कि भू-माफिया के बहकावे में आकर अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित विभाग से कॉलोनी की वैधता और जरूरी अनुमतियों की जानकारी लें। विभाग के अनुसार, बिना अनुमति विकसित कॉलोनी या उसमें किया गया निर्माण कानून के तहत किसी भी समय हटाया जा सकता है।
अधिकारी का वर्जन
अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों पर प्रभावी रोक लगाना विभाग की प्राथमिकता है। लोगों को जागरूक करने के लिए अवैध कॉलोनियों में चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं।
- अनिल मलिक, डीटीपी, पलवल
विभाग की ओर से पहले भी हो चुकी हैं इस प्रकार की कार्रवाई
इससे पहले 30 जुलाई को जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग ने पलवल में चार अवैध कॉलोनियों में निर्माण ध्वस्त किए थे। करीब 10 एकड़ में विकसित की जा रही इन कॉलोनियों में विभागीय टीम ने चार निर्माणाधीन दुकानों, करीब 80 डीपीसी, 10 से 15 बाउंड्रीवॉल और सड़क नेटवर्क को बुलडोजर से हटा दिया था। कॉलोनियों में लगाए गए बिजली के खंभों को भी ध्वस्त किया गया। कार्रवाई हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम-1975 के तहत की गई थी। मौके पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट, डीटीपी विभाग के अधिकारी व फील्ड स्टाफ के साथ पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा था। डीटीपी अनिल मलिक ने कहा था कि अवैध कॉलोनियों को विकसित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।