15 वर्ष से पुरानी बाइकों पर ट्रॉली लगाकर हो रहा व्यावसायिक इस्तेमाल
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। पुलिस प्रशासन की लापरवाही के चलते शहर में सैकड़ों अवैध बाइक रिक्शा बिना रोक-टोक चल रहे हैं। ये वाहन 15 वर्ष से अधिक पुरानी बाइकों पर ट्रॉली लगाकर बनाए गए हैं, जिन पर न तो रजिस्ट्रेशन नंबर होता है और न ही इनके चालकों के पास वैध दस्तावेज। इसके बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
इन जुगाड़ वाहन चालकों की वजह से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है। साथ ही, वैध व्यावसायिक वाहन चालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि जहां बड़े वाहन चालक 500-700 रुपये चार्ज करते हैं, वहीं बाइक रिक्शा चालक वही काम 100-200 रुपये में कर देते हैं। इन वाहनों को न तो टैक्स देना पड़ता है और न ही लाइसेंस की जरूरत होती है। शहर में करीब 8-10 साल पहले इन बाइक रिक्शाओं का चलन शुरू हुआ। पुलिस प्रशासन और आरटीए विभाग सड़क पर आम वाहनों के चालान तो काटते हैं, लेकिन इन अवैध वाहनों पर कोई ध्यान नहीं देता।
रजिस्ट्रेशन नंबर का अभाव
इन बाइक रिक्शाओं पर रजिस्ट्रेशन नंबर न होने की वजह से दुर्घटनाओं के बाद चालक आसानी से बच निकलते हैं। लोग सस्ते में पुरानी बाइक खरीदकर इनके पीछे लोहे की ट्राली जोड़ लेते हैं और इनका व्यावसायिक उपयोग करते हैं। इन अवैध वाहनों की वजह से वैध व्यावसायिक वाहन चालक नुकसान झेल रहे हैं। ऐसे वाहन सस्ते में सामान ढोने का काम कर लेते हैं, जिससे बड़े वाहन चालकों की कमाई पर असर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसे अवैध वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए ताकि वैध वाहन चालकों को राहत मिल सके और सरकार का राजस्व नुकसान भी रोका जा सके।
किसी भी प्रकार के अवैध वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं है। अगर कोई पुरानी बाइक पर ट्रॉली लगाकर व्यावसायिक इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप सिंह, डीएसपी