शहर के अंदर से अतिक्रमण की समस्या दूर होने का नाम नहीं ले रही है। शहर के लोगों द्वारा अतिक्रमण की समस्या को लेकर पिछले दो साल से आवाज बुलंद की जा रही है, लेकिन नगर परिषद को कोई फर्क नहीं पड़ रहा। अतिक्रमण का शहर में ये आलम है कि लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल है।
शहर का पुराना जीटी रोड जो कि सबसे व्यस्त रोड है, इस रोड पर शहर की सबसे बड़ी मार्केट होने के अलावा मुख्य बाजार के लिए भी यही रास्ता है। उसके बावजूद नगर परिषद को रोड पर हुआ अतिक्रमण दिखाई नहीं देता है।
पुराने जीटी रोड पर हालात ये बन चुके हैं कि पैदल निकलना तक मुश्किल हो जाता है। यदि गलती से कोई दुपहिया व चौपहिया वाहन लेकर अंदर घुस जाए, तो दो-दो घंटों तक जाम में फंसा रहता है।
इस रोड पर दुकानदारों ने अपनी दुकानों का सामान बाहर सड़क तक रखा हुआ है, जिसके चलते हर समय जाम लगा रहता है। सुबह दुकानें खुलने के साथ ही जाम लगना शुरू होता है तथा रात को दुकानें बंद होने के बाद ही जाम की समस्या दूर होती है।
कहीं-कहीं पर रेहड़ी वालों का कब्जा है। स्थानीय निवासी प्रवीण गर्ग, सुरेंद्र शर्मा, दशरथ थानेदार का कहना है कि इस समस्या को लेकर वे कई बार नगर परिषद अधिकारियों, एसडीएम, उपायुक्त तथा पुलिस अधिकारियों से मिल चुके हैं, परंतु आज तक किसी ने ध्यान नहीं दिया। उन्होंने मांग की है कि अतिक्रमण की समस्या को दूर किया जाए।
इस बारे में उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा का कहना है कि दो दिन पहले ही पूरे शहर का दौरा किया है तथा नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कब्जे हटाए जाएं। अतिक्रमण करने वालों के चालान काटे जाएं। इस समस्या को जल्द दूर करवाया जाएगा।