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लाडियाका-बाता सड़क की ग्रीन बेल्ट से काटे हरे-भरे पेड़

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पलवल। एक ओर जिला उपायुक्त सड़कों के साथ गुलमोहर के पौधे लगाकर हरा-भरा बनाने की योजना बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सड़कों की ग्रीन बेल्ट में लगे हरे पेड़ों की कटाई की जा रही है। ताजा मामला गांव लाडियाका से बाता सड़क के साथ बनी ग्रीन बेल्ट का है, जहां एक किसान ने पेड़ों को काट दिया तथा उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर बेचने के लिए ले गया। यही नहीं पूरी जगह को जेसीबी से साफ करवाकर खेत बनने का कार्य शुरू करा दिया गया। किसान ने दर्जनों हरे पेड़ों काटकर बेच दिया और प्रशासन ने अभी तक मामले का संज्ञान तक नहीं लिया है।
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जिला प्रशासन ने वन विभाग के साथ मिलकर इस बार जिले के अंदर करीब छह लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। आए दिन जिला प्रशासन बैठकों का आयोजन कर सड़कों को हरा-भरा बनाने की योजना बना रहा है। बुधवार को भी जिला उपायुक्त ने वन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर राजमार्ग के साथ गुलमोहर के पौधे लगाने के निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन के साथ विभिन्न सामाजिक संस्थाएं पौधरोपण अभियान शुरू करने के लिए मानसून का इंतजार कर रहे हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो हरे-भरे पौधों की कटाई कर पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहे हैं।
गांव लाडियाका निवासी एक किसान ने बाता सड़क के साथ लगे हरे-भरे पेड़ों को कटवाकर बेच दिया। किसान ने सड़क के साथ बनी ग्रीन बेल्ट को खत्म कर दिया। जेसीबी मशीन की मदद से पेड़ों को उखड़वाकर ग्रीन बेल्ट को साफ करा दिया तथा खेत बनाने की तैयारी शुरू कर दी। सड़क से आने-जाने वाले किसानों ने विरोध किया, तो किसान ने उन्हें भी खरी-खोटी सुनाई। किसान ने किसी की भी नहीं सुनी और जेसीबी से हरे पेड़ों को उखड़वाना जारी रखा।
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ज्यादातर सड़कों के साथ काट दिए जाते हैं हरे पेड़
सड़कों के साथ हरे-भरे पेड़ों को काटने का यह पहला मामला नहीं है। गांवों के लिंक मार्गों पर ज्यादातर जगहों पर पेड़ों की कटाई कर दी जाती है। ज्यादातर लिंक मार्गों के साथ से ग्रीन बेल्ट खत्म हो गई है। वन विभाग व जिला प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। ज्यादातर मामलों की शिकायत नहीं होती, इसलिए यह मामले उजागर नहीं हो पाते। वन विभाग पेड़ को रोपकर भूल जाता है, उसके रखरखाव की व्यवस्था नहीं की जाती।
- मेरे संज्ञान में यह मामला नहीं है। इस बारे में कोई शिकायत भी नहीं मिली है। मैं तुरंत मौके पर भेजकर निरीक्षण करवाउंगा। हरे-भरे पेड़ों को काटने वाले किसान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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- रामकिशन, रेंज ऑफिसर, वन विभाग होडल
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