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Palwal News: मंडी पहुंची धान-बाजरे की खेप, सरकारी खरीद शुरू नहीं

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किसानों ने जल्द से खरीद शुरू करने की मांग की,
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2.34 करोड़ की लागत से चल रहे सड़क व फड़ निर्माण से अव्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। खरीफ सीजन की फसलें खेतों से निकलकर नूंह अनाज मंडी पहुंचनी शुरू हो गई हैं, लेकिन मंडी में धान और बाजरे की सरकारी खरीद अभी तक शुरू नहीं हुई है। किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं और उन्हें सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार है। किसानों की मांग है कि धान और बाजरे की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर जल्द शुरू की जाए, ताकि उन्हें फसल बेचने के लिए निजी खरीदारों पर निर्भर न रहना पड़े।
जैसे-जैसे खेतों में पक चुकी फसल की कटाई तेज होगी, मंडी में आवक भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में सरकारी खरीद शुरू होने में देरी किसानों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। किसानों का कहना है कि फसल मंडी में पहुंचने के बाद उसकी बिक्री और भुगतान की व्यवस्था समय पर होना जरूरी है। यदि खरीद शुरू नहीं हुई तो किसानों को अपनी उपज को मंडी में रोककर रखने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
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मंडी में 2.34 करोड़ से काम पर धीमी गति
नूंह अनाज मंडी में करीब 2 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से सड़कों और फड़ों के निर्माण का काम चल रहा है। फसल सीजन के बीच निर्माण कार्य होने और इसकी गति धीमी रहने से मंडी की व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। किसान आजाद, रफीक, जुबेर, राजेंद्र, अशोक हेमराज का कहना है कि मंडी में निर्माण कार्य जरूरी है, लेकिन फसल आवक के समय निर्माण कार्यों को इस तरह संचालित किया जाना चाहिए कि किसानों को अपनी उपज उतारने और वाहनों की आवाजाही में परेशानी न हो। यदि आवक बढ़ने के साथ निर्माण कार्य भी धीमी गति से चलता रहा तो मंडी में अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो सकती है।

खरीद के लिए प्रशासन ने की बैठक
बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर जिला प्रशासन ने खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की है। उपायुक्त की ओर से खरीद एजेंसियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश भी दिए गए हैं। किसान अब प्रशासन के निर्देशों को जमीन पर लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि खरीद सीजन की शुरुआत से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जानी चाहिए थीं, ताकि फसल लेकर मंडी पहुंचने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। फिलहाल मंडी में धान, बाजरा और कपास की आवक शुरुआती दौर में है, लेकिन आने वाले दिनों में आवक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में खरीद व्यवस्था शुरू नहीं होने और निर्माण कार्य जारी रहने की स्थिति में मंडी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। किसानों का कहना है कि एमएसपी पर खरीद की व्यवस्था स्पष्ट और समयबद्ध होनी चाहिए।
समय रहते शुरू हो खरीद

किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नूंह अनाज मंडी में धान और बाजरे की सरकारी खरीद जल्द शुरू की जाए, खरीद एजेंसियों की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए और फसल की तुलाई, उठान व भुगतान की व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए। किसानों का कहना है कि फसल सीजन हर वर्ष आता है और प्रशासन के पास इसकी पहले से जानकारी रहती है। इसलिए मंडी में फसल की आवक शुरू होने के साथ ही खरीद की व्यवस्था भी धरातल पर दिखाई देनी चाहिए।
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कोट
बाजरे की खरीद को लेकर डीसी ने बैठक ली है। जिसमें संबंधित एजेंसियों को बाजरे की खरीद के लिए तैयार रहने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। उम्मीद है कि एक अक्तूबर के बाद बाजरे की खरीद शुरू हो जाएगी। किसान एक अक्टूबर तक बाजार रोक कर रखें और उसे अच्छी तरह से साफ और सुखा लें। - राजेंद्र, मंडी सुपरवाइजर
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