शहर में जगह-जगह लगे गंदगी के ढ़ेर।
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गंदगी की समस्या से बेजार शहर को निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन अब घर-घर से कूड़ा उठवाने की योजना बनाने की कयावद में जुटा है। इसके लिए इस कार्य में लगी निजी कंपनियों से बात कर उन्हें कॉंटेक्ट देने की योजना है। घर से कूड़ा ले जाने के बदले लोगों को भी कुछ शुल्क देना होगा।
इससे पहले भी शहर को साफ रखने के लिए जिला प्रशासन ने कई योजनाएं बनाई, लेकिन वे सभी हवा-हवाई होती रहीं। नगर परिषद के गठन से पूर्व जिला उपायुक्त ने एक बार शहर के सभी वार्डों के लिए 31 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए थे। उसके बाद एक व्हाट्सएप नंबर जारी कर सफाई बहाल करने का दावा किया गया था। लेकिन दोनों हो योजनाएं धरती पर कहीं नहीं टिक पाई।
अर्से से बनी हुई है समस्या :
-शहर में गंदगी की समस्या कोई नई नहीं है। सरकारें बदली, लेकिन सफाई के मामले में शहर के हालात नहीं बदले। इसके लिए जहां शासन-प्रशासन को जिम्मेदार माना जाए, लेकिन हालात के लिए शहर के लोग भी कम जिम्मेदार नहीं है। शहर की कई कॉलोनियों की गलियां तो वहां के निवासियों की वजह से ही कूड़ेदान में बदल चुकी हैं।
सुशासन सहयोगी के सुझाव से बन रही है योजना :
-प्रदेश के बडे शहरों में पहले से भी इस प्रकार की योजनाएं कार्य कर रही हैं। शहर के पॉश एरिया न्यू कॉलोनी में भी किसी छोटे ठेकेदार द्वारा इस कार्य को किया जा रहा है। इसी को देखते हुए ही सुशासन सहयोगी गौरव कुमार ने डीसी अशोक शर्मा के समक्ष इस प्रकार का प्रस्ताव रखा गया था। जानकारी के अनुसार इस योजना पर मंथन चल रहा है व शीघ्र ही इसे मूर्तरूप दिया जा सकता है।
-शहर में सफाई व्यवस्था बहाल रहे, इस तरफ पूरा फोकस है। इस कार्य को नगर परिषद के अधिकारियों की देखरेख में कराया जाएगा। इस कार्य में लगी कुछ कंपनियों से बात-चीत चल रही है। संबंधित अधिकारी इसकी रुपरेखा बनाने में जुटे हैं तथा वे खुद भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
-अशोक शर्मा, डीसी, पलवल।