संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। गुरुग्राम नहर से पानी चोरी के मामलों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला उपायुक्त जयेंद्र सिंह छिल्लर ने जिला समाधान शिविर में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी चोरी करने वालों के खिलाफ हथीन थाने में तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। उन्होंने डीएसपी को भी निर्देश दिए कि सिंचाई विभाग की शिकायत मिलते ही बिना देरी प्राथमिकी दर्ज की जाए।
यह मामला छांयसा गांव के पूर्व सैनिक रामेश्वर सिंह की शिकायत पर सामने आया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि संगठित गिरोह बड़े पैमाने पर मछली पालन और अन्य कार्यों के लिए नहर का पानी चोरी कर रहा है। उन्होंने दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर भारी जुर्माना लगाने की मांग की।
मामले का संज्ञान लेते हुए जिला उपायुक्त ने सिंचाई विभाग को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। विभाग ने 21 लोगों की पहचान कर ली है, जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित चौहान ने बताया कि आरोपियों के फोटो और वीडियो सहित डिजिटल साक्ष्य पुलिस को उपलब्ध कराए जाएंगे। हथीन थाना प्रभारी नरेश कुमार ने कहा कि शिकायत मिलते ही नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
पानी चोरी से 30 हजार एकड़ कृषि भूमि प्रभावित
गुरुग्राम नहर से पानी चोरी का असर हथीन क्षेत्र के किसानों पर भी पड़ रहा है। पानी की निकासी प्रभावित होने से 30 हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि में जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे फसलों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है और हजारों किसान परेशान हैं। सिंचाई विभाग समय-समय पर छापेमारी कर 300 से अधिक पाइप और इंजन जब्त कर चुका है, लेकिन पानी चोरी पर पूरी तरह रोक नहीं लग सकी। इस मुद्दे को स्थानीय विधायक मोहम्मद इसराइल चौधरी विधानसभा में भी उठा चुके हैं। वहीं, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दे चुके हैं।