संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। पलवल-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-334) के चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने चौथी पंचायत आयोजित की। पंचायत में किसानों ने सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजे को बाजार भाव से बेहद कम बताते हुए स्पष्ट किया कि उचित मुआवजा मिलने तक वे अपनी जमीन नहीं देंगे।
किसानों का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट के निकट होने के कारण क्षेत्र में जमीन का बाजार भाव करीब 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ है, जबकि सरकार करीब 45 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दे रही है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में उनकी जिला उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर से भी बातचीत हुई है। इसके बाद एनएचएआई द्वारा किसानों पर दर्ज 100 में से 44 मामले वापस ले लिए गए हैं। किसानों ने सभी मुकदमे वापस लेने और 8 से 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग दोहराई।
किसान महेंद्र सिंह ने बताया कि इस मामले में प्रशासन का व्यवहार सकारात्मक नजर आ रहा है, लेकिन किसानों की मुख्य मांग यही है कि 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ से कम मुआवजा किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक किसान अपनी एक इंच जमीन भी नहीं देंगे।
पंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन और कानूनी लड़ाई दोनों जारी रखी जाएंगी। इस दौरान पृथ्वी सिंह, राजकुमार वर्मा, बबली जाखड़, मनोज कुमार, होशियार सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।