26 को ट्रैक्टर परेड के लिए किसान तैयार
पलवल। दिल्ली में 26 जनवरी को होने वाली ट्रैक्टर परेड के संबंध में किसानों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी ट्रैक्टर परेड न रोकने के आदेश दिए हैं। इसके बाद किसानों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। किसानों का कहना है कि 26 जनवरी को किसान ट्रैक्टरों पर तिरंगा लगाकर रैली निकालेंगे। वहीं, 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद बोस की जयंती धूमधाम से मनाएंगे। सुबह यज्ञ किया जाएगा। दिन में कलाकारों द्वारा गीत प्रस्तुत कर किसानों का उत्साह बढ़ाया जाएगा।
नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीती दो दिसंबर से चल रहा धरना मंगलवार को भी जारी रहा। धरने के 48वें दिन भी समर्थन देने का दौर चलता रहा। धरने की अध्यक्षता हाजी फतेह मोहम्मद ने की, जबकि संचालन रूपराम तेवतिया ने किया। ओडिशा से आए 11 किसानों ने क्त्रस्मिक भूख हड़ताल जारी रखी। अनशन करने वाले किसानों का फूल मालाओं से स्वागत किया गया। भूख हड़ताल करने वाले किसानों में उड़ीसा निवासी अजय कुमार गौड़ा, सतीश कुमार, भगवान साईं, कृष्णा साहू, बसंत साहू आदि शामिल हैं। धरने को मास्टर महेंद्र चौहान, राजेश बहीन, केपी सिंह, रतन सिंह सौरोत, जयनारायण चौहान, बृजमोहन चौहान, राहुल तंवर, बलविंदर सिंह, शेर मोहम्मद, बद्री प्रसाद, रणधीर चौहान आदि ने संबोधित किया।
युवा किसान दिवस भी मनाया जाए : श्रद्धानंद
राष्ट्रवादी विचार मंच के अध्यक्ष स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि किसी भी आंदोलन की नींव युवा होते हैं। आंदोलन में युवाओं का जोश बहुत जरूरी है। इसलिए महिला किसान दिवस की तरह ही युवा किसान दिवस भी मनाया जाए, ताकि युवाओं कोे जज्बा दिखाने का मौका मिल सके।
किसानों ने भेजा 4 क्विंटल दूध
क्षेत्रीय किसानों के साथ-साथ मेवात के किसानों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है। गांव आलीमेव की तरफ से रोजाना एक क्विंटल दूध भेजा जा रहा है। वहीं, मंगलवार को आलीमेव और नांगल की तरफ से 4 क्विंटल दूध भेजा गया। इस दौरान सैकड़ों किसान ट्रैक्टरों पर तिरंगा लगाकर आए। यूपी के कोसीकलां के गांव लालपुर के किसानों ने भी धरने को समर्थन दिया।
धरना स्थल पर बनाए जा रहे शौचालय
केएमपी-केजीपी इंटरचेंज पर चल रहे धरने पर किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है। कश्मीर से लेकर केरल और गुजरात से लेकर कोलकाता तक के किसान धरने में शामिल हो रहे हैं। किसानों की संख्या बढ़ने पर सुविधाओं में भी इजाफा किया जा रहा है। धरना स्थल के समीप खाली पड़ी जमीन पर शौचालय बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा टॉयलेट में पानी की व्यवस्था के लिए टोटियां भी लगवाई जा रही हैं।