अनाज मंडी की टीन शेड के नीचे व्यापारियों का कब्जा, आननफानन में मार्केट कमेटी ने शुरू की व्यापारियों को नोटिस देने की प्रक्रिया
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। सोमवार को दोपहर में हुई हल्की बरसात ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मंडी में अपनी धान लेकर पहुंचे किसान पूरी तरह मायूस दिखाई दिए। मंडी प्रशासन की ओर से फसल को सुरक्षित रखने के लिए कोई इंतजाम नहीं था। वहीं, मंडी में बने टीन शेड के नीचे व्यापारियों ने पहले से अपनी फसल लगाकर कब्जा किया हुआ था, जिसके कारण किसानों को अपनी फसल खुले में रखनी पड़ी। बरसात शुरू होते ही मंडी में अफरातफरी मच गई और किसान जल्दबाजी में बाजार से पॉलिथीन व तिरपाल खरीदने के लिए बाजार में दौड़ पड़े। हालांकि रविवार से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। मौसम विभाग द्वारा भी बरसात को अनुमान को लेकर अलर्ट जारी हुआ था बावजूद इसके मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने अनाजमंडी में आए किसानों के लिए बरसात को लेकर कोई इंतजाम नहीं किए।
मंडी में धान लेकर आए किसानों ने बताया कि सोमवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे, इसके बावजूद मंडी प्रशासन ने कोई पूर्व तैयारी नहीं की। जैसे ही दोपहर में हल्की बरसात शुरू हुई, मंडी में खुले में रखी सैकड़ों क्विंटल धान की फसल भीग गई। अनाजमंडी में बरसात से फसल को बचाने के लिए कोई प्रबंध नहीं थे तो किसान बाजार की ओर पॉलिथीन व तिरपाल लेने के लिए भागे।
किसान जुम्मन लहरवाड़ी, रिजवान जखोकर, ताहिर हुसैन भूरियाकी, मुहरखां लहरवाड़ी आदि ने बताया कि वह रविवार रात से मंडी में धान की फसल बेचने के लिए खड़े हैं। टीन शेड के नीचे जगह नहीं है ऐसे में उन्होंने अपनी फसल खुले में ही डाली हुई है। दोपहर में हुई बरसात ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। जिसके कारण उन्हें काफी नुकसान हुआ है। बरसात में भीगी धान की फसल को उन्हें उचित दाम नहीं मिल पाएगा जिसके कारण उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया। किसानों की परेशानी सुनने के लिए अनाज मंडी में न तो कोई अधिकारी है और न ही कोई व्यवस्था। टीन शेड के नीचे व्यापारियों ने पहले से अपनी बोरियां लगाकर कब्जा किया हुआ है।
किसानों का कहना है कि मंडी की हालत हर साल ऐसी ही रहती है। बरसात होते ही फसलें भीग जाती हैं और प्रशासन हर बार केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाता है। किसानों ने यह भी बताया कि मंडी में पानी निकासी की व्यवस्था न होने के कारण कई जगहों पर जलभराव हो गया।
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टीन शेड के नीचे लगी बोरियों को लेकर 26 व्यापारियों को पहले भी नोटिस दिए हुए हैं। बरसात से किसानों का कोई नुकसान नहीं हुआ है। व्यापारियों को टीन शेड खाली करने के लिए एक बार फिर से नोटिस दिए जा रहे है, इसके बाद भी टीन शेड खाली नहीं होती है तो कार्यवाही की जाएगी।
- शैलेंद्र बंसल, सचिव मार्केट कमेटी पुन्हाना