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Palwal News: बारिश से भीगी धान की फसल, बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ाई

Mon, 06 Oct 2025 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
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बोरियों में रखी धान की फसल जो बारिश में भीग गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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नूंह। सोमवार को जिले में हुई बारिश ने किसानों की समस्या बढ़ा दी है। बारिश से किसानों की फसल खेत से लेकर मंडी तक भीगी है। पहले ही जलभराव से जूझ रहे किसानों के सामने आगामी रबी की फसल बिजाई पर भी संकट दिखाई दे रहा है। ऐसे में किसान खासा परेशान हैं। खेतों में पहले से ही पानी भरा हुआ था, अब नई बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। धान की खड़ी फसल पानी में डूबकर झुक गई है, वहीं कई जगहों पर कटाई के लिए रखी फसल भीगने से खराब हो रही है। किसानों को इस बार भारी आर्थिक नुकसान का अंदेशा है। सोमवार को दोपहर मंडी में आई फसल भीग गई। राहत की बात यह रही कि फसल के भाव हो चुके थे और किसानों ने अपनी फसल तय भाव पर ही बेची। मंडी में बनी टीन शेड में कुछ व्यापारियों तथा कुछ किसानों की फसल डली हुई है। दो दिन मौसम और खराब रहने से दिक्कत और बढ़ सकती है।
सरसों व गेहूं पर असर
नूंह जिले में सरसों प्रमुख नकदी फसल है। अधिक बारिश के कारण सरसों का रकबा जहां घटना लगभग तय है वहीं इसका असर गेहूं की फसल पर भी पड़ेगा। जहां गेहूं की फसल बोई जाती है वहां पानी भरा हुआ है बारिश में यह दिक्कत और बढ़ती दिखाई दे रही है।
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धान की फसल झुककर पानी में सड़ने लगी

गांव मिंडकोला, नौरंगाबाद, पौंडरी, आलदोका, किरा व छपेड़ा के अलावा उजीना, सहित कई इलाकों में किसानों के खेतों में पानी भरा हुआ है।
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धान की फसल पककर तैयार है, बस कटाई बाकी थी। लेकिन अब लगातार बारिश से पूरा खेत में फिर पानी हो गया। जो फसल झुककर सड़ने लगी है।
किसान राम स्वरूप
खेतों में ट्रैक्टर तक नहीं जा सकता। न कटाई हो पा रही है, न पानी की निकासी। अब रबी की फसल की तैयारी कैसे करें, यही चिंता सता रही है। किसान अकबर
हर साल किसी न किसी रूप में मौसम हमारी मेहनत पर पानी फेर देता है। सरकार को फसल बीमा और मुआवजा योजनाओं को तेजी से लागू करना चाहिए, ताकि हमें थोड़ी राहत मिल सके। पहले मौसम की मार, फिर मंडी में मंदे की मार है।
किसान मनोज कुमार

वर्जन
धान की फसल को ज्यादा देर तक पानी में रहना नुकसानदेह है। खेतों में जलभराव के कारण मिट्टी की नमी ज्यादा हो जाती है, जिससे अगली फसल बोना मुश्किल होता है। अगर अगले 7-10 दिन तक पानी नहीं सूखा, तो रबी सीजन की फसलों की बुआई कम से कम 15 दिन तक टल सकती है। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
डाॅ. विकास, खेती विशेषज्ञों

नुकसान हुआ तो होगा सर्वे
तीन दिन मौसम खराब है। किसान फसल लेकर मंडी न आएं। धान, बाजरा व कपास में नुकसान हो सकता है लेकिन अभी बारिश कम है। नुकसान होता है तो कृषि विभाग की टीमें गांवों में जाकर स्थिति का जायजा लेंगी। अगर फसलों को नुकसान होता पाया गया तो सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
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वीरेंद्र देव आर्य, उपनिदेशक कृषि विभाग।

मौसम विभाग ने दी दो दिन की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटों तक नूंह जिले और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में किसानों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन खेतों से पानी निकासी के लिए मशीनें लगवाए, ताकि नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सके।

बोरियों में रखी धान की फसल जो बारिश में भीग गई।

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