होडल। सर्व कर्मचारी संघ के नेतृत्व में सोमवार को कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय पर बैठक का आयोजन किया। जिसके बाद जुलूस के रूप में विधायक जगदीश नायर के आवास पर पहुंचे। जहां ठेका प्रथा खत्म करने, सेवा सुरक्षा गारंटी सहित कई मांगों के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा।
कर्मचारी नेता रमेशचंद, जिला प्रधान राजेश शर्मा व सचिव योगेश शर्मा ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार सरकारी विभागों को विनिवेश के नाम पर बेचने में लगी हुई हैं। निजीकरण से जहां रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं, वहीं जनता को मिलने वाली सुविधाओं में भी भारी कमी आ रही है। लॉकडाउन को अवसर के रूप में लेते हुए सरकार ने कर्मचारी व मजदूरों को परेशान करना शुरू कर दिया है। प्रदेश की लड़खड़ाती आर्थिक स्थिति को बचाने के लिए कर्मचारियों ने सरकार के रिलीफ फंड में 100 करोड़ रुपये से अधिक जमा करवाए थे। भाजपा ने 2014 के घोषणापत्र में कर्मचारियों से किए गए वादों को भी पूरा नहीं किया है। सरकार ने पूंजीपतियों के हित में श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव करके अधिकारों को छीन लिया है। उन्होंने मांग की कि प्री-मेच्योर रिटायरमेंट के आदेश को वापस लिया जाए व प्रमोशन और एसीपी में टेस्ट की शर्त के प्रस्ताव को रद्द किया जाए। अध्यक्षता ब्लाक प्रधान उदयवीर सौरौत व संचालन सचिव देवेंद्र नंबरदार ने किया। इस मौके पर जितेंद्र तेवतिया, प्रधान नरेंद्र सौरौत, राकेश तंवर, विजेंद्र चौहान, महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।