- पलवल में दिल्ली का आह्वान रहा विफल, चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस
- किसानों ने बैठक कर शंभू बॉर्डर पर हुई कार्रवाई पर जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। प्रशासनिक सख्ती के कारण दिल्ली कूच को लेकर जिले में तीसरे दिन भी शांति व्यवस्था कायम रही। बुधवार को भी जिला पुलिस ने शिकंजा कसा रखा। बॉर्डर से लेकर अन्य सड़कों पर कड़ी नाकाबंदी के साथ पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस का जांच अभियान निरंतर रहा। मुख्य चौराहों पर दंगा रोधी वाहन, क्रेन, वाटर कैनन मशीन तैनात रही। करमन बॉर्डर व गदपुरी टोल प्लाजा पर भारी दो रिजर्व टुकड़ियों के साथ पुलिस बल तैनात रहा। किसानों की बैठकों के अलावा जिले में कोई गतिविधि नहीं देखी गई। हालांकि किसानों ने शंभू बॉर्डर पर किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़ने का विरोध किया। परिवहन विभाग ने तीसरे दिन भी चंडीगढ़ बस सेवा स्थगित रखी, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।
पुलिस प्रशासन के सख्ती के कारण जिले में दिल्ली कूच का आह्वान पूरी तरह से विफल साबित हुआ। आह्वान के चलते पहले दिन ही पुलिस द्वारा किसानों को जारी किए गए नोटिस व नजरबंद करने से किसान नेता कुछ नहीं कर पाए। बुधवार को भी जगह-जगह पुलिस ने नाके लगाकर वाहनों की जांच की। इस दौरान भारी वाहनों को जिले की सीमाओं पर रोक लिया गया। पुलिस द्वारा सीमाओं पर नाकाबंदी और बैरिकेड कर भारी भरकम पत्थर रखवाए गए हैं। बताया जा रहा है कि 15 फरवरी तक लगाई गई धारा 144 को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। पुलिस प्रवक्ता संजय कादयान ने बताया कि किसानों के वाहनों को दिल्ली की तरफ कूच करने से रोकने के लिए बड़े-बड़े कंटेनर वाहन भी लगाए गए हैं। इसके साथ ही वाटर कैनन मशीन, वज्र वाहन, क्रेन तैनात की हुई है। फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस की गाड़ियों को बॉर्डर पर खड़ा रखा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों तरफ 10 फुट की ऊंचाई वाले कंटेनर, कांटेदार तार, कील, रस्सा सहित विभिन्न प्रकार के सामान को तैयार किया हुआ है। वहीं दिल्ली जाने वाले मार्गों पर सभी भारी वाहनों पर रोक लगी हुई है। चंडीगढ़, रोहतक, पंजाब व अन्य रास्तों पर जाने के लिए केजीपी व केएमपी से वाहनों को भेजा जा रहा है। संदिग्ध वाहनों की गहनता से जांच की गई।
चंडीगढ़ जाने वाली बसों का परिचालन रखा बंद
पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर दिल्ली जाने के लिए एकत्रित हुए किसानों के चलते पलवल बस डिपो से चंडीगढ़ रूट पर चलने वाली सभी बसों का परिचालन बंद रखा गया है। पलवल डिपो इंचार्ज मुरारी लाल ने बताया कि डिपो से प्रतिदिन नौ बसों का चंडीगढ़ रूट पर परिचालन होता है। इस रूट को अगले निर्देशों तक बंद कर दिया गया। अन्य रूटों पर बसों का परिचालन निरंतर जारी है। बसों के बंद रहने से चंडीगढ़ जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
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जिले में कानून एवं व्यवस्था के साथ खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति किसी के बहकावे या उकसावे में आकर कानून व्यवस्था को न बिगाड़े। कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करे। पुलिस किसी भी प्रकार की अप्रिय परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से सक्षम है।
- डॉ.अंशु सिंगला, जिला पुलिस अधीक्षक
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किसानों ने बैठक पर शंभू बॉर्डर पर हुई कार्रवाई को बताया तानाशाही
पलवल। शंभु बॉर्डर पर आंदोलनकारी किसानों पर हुई कार्रवाई के विरोध में बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा पलवल व सीआईटीयू पलवल के तत्वावधान में बैठक की गई। ताऊ देवीलाल टाउन पार्क में आयोजित बैठक में किसानों को पंजाब-हरियाणा बॉर्डर पर रोके जाने की कड़े शब्दों में निंदा की गई। बैठक की अध्यक्षता किसान मोर्चा के नेता सोहनपाल चौहान ने की। इस अवसर पर किसान सभा के जिला प्रधान धर्मचंद व सीटू जिला सचिव रमेश चंद्र ने कहा कि पंजाब और दिल्ली की सीमाओं पर लोहे की कीलें, कंटीले तार और कंक्रीट बेरिकेड्स लगाकर लोगों के लोकतांत्रिक तरीके से किये जा रहे विरोध प्रदर्शन को रोका जा रहा है। प्रशासन दिल्ली और हरियाणा के आसपास धारा 144 लगा रहा है और बिना किसी पूर्व सूचना के यातायात को डायवर्ट कर लोगों को परेशान कर रहा है। प्रशासन लोगों को डराने के लिए आतंक का माहौल बना रहा है। सरकार प्रदर्शनकारियों के साथ ऐसा व्यवहार कर रही है कि जैसे कि वह देश के दुश्मन हों।
किसान नेताओं ने सरकार से यह स्पष्ट करने का आग्रह किया कि सरकार 16 फरवरी को देशव्यापी ग्रामीण बंद, औद्योगिक एवं क्षेत्रीय हड़ताल के आह्वान पर किसानों और श्रमिकों के संगठनों से बातचीत के लिए तैयार नहीं है। ग्रामीण भारत बंद को लेकर किसान व मजदूरों ने तैयारी पूरी कर ली है। इस दौरान ग्रामीण भारत बंद का पोस्टर भी जारी किया गया। बैठक में यूनियन नेता दरियाब सिंह, किशनचंद शर्मा, अमीर अहमद, राजेश शर्मा, शिशुपाल, राजू शर्मा, भागी रथ व सतीश ने भी विचार व्यक्त किए।