- मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने की छापेमारी, केंद्र पर न चिकित्सक था और ना ही योग प्रशिक्षक
- भर्ती लोगों के लिए पौष्टिक आहार की भी नहीं थी व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। बिना अनुमति अवैध रूप से चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता व गुप्तचर विभाग की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौजूद रही। इस दौरान केंद्र पर कई खामियां मिलीं। केंद्र बिना अनुमति चलाया जा रहा था। केंद्र पर न डॉक्टर था औ न ही प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद था। टीम ने केंद्र के रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर आरोपी संचालक के खिलाफ कैंप थाना में मुकदमा दर्ज कराया है। अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
डीएसपी मनीष सहगल ने बताया कि काफी समय से पलवल में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की शिकायतें मिल रही थीं। शुक्रवार को गुप्तचर विभाग के साथ संयुक्त रूप से कुसलीपुर से असावटा रोड पर जंगल में चल रहे एक नशा मुक्ति केंद्र पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान काफी कमियां मिलीं। संचालक के केंद्र संचालित करने के दस्तावेज मांगे गए, परंतु वह पेश नहीं कर पाया। इसके अलावा केंद्र पर कोई चिकित्सक, मनोचिकित्सक व योगा प्रशिक्षक मौजूद नहीं था। केंद्र में भर्ती मरीजों के लिए पौष्टिक आहार देने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। डीएसपी सहगल ने बताया कि केंद्र में करीब चार दर्जन के करीब मरीज भर्ती मिले। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों पर विभाग की विशेष नजर है। जल्द ही उनका भी भंडाफोड़ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उक्त नशा मुक्ति केंद्र पर छापेमारी के दौरान पाई गई। खामियों के चलते केंद्र का रिकॉर्ड कब्जे में लेकर आगामी कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के हवाले कर दिया गया है। कैंप थाना प्रभारी सत्यनारायण ने बताया कि मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।