नगर पालिका कार्यालय परिसर के बाहर नालो की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे कर्मचारी।
15 जून तक सभी प्रमुख नालों की सफाई का दावा, नागरिक बोले- सिर्फ ऊपरी सफाई नहीं, अतिक्रमण हटाकर हो स्थायी समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजपुर झिरका। मानसून को देखते हुए नगर पालिका ने शहर को जलभराव और गंदगी से बचाने के लिए नालों की सफाई का व्यापक अभियान शुरू कर दिया है। करीब 18 लाख रुपये की लागत से चल रहे इस अभियान में मशीनों और कर्मचारियों की मदद से प्रमुख नालों की गाद और कचरा निकाला जा रहा है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि नालों पर बढ़ते अतिक्रमण के कारण केवल सफाई अभियान से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। ऐसे में प्रशासन के सामने न केवल नालों की सफाई, बल्कि अतिक्रमण हटाने की भी बड़ी चुनौती खड़ी है।
नगर पालिका सचिव राजेश मेहता ने बताया कि हर वर्ष मानसून से पहले नालों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाता है। इसी कड़ी में इस बार भी टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से सफाई कार्य शुरू कराया गया है। सफाई अभियान में ट्रैक्टर, जेसीबी और अन्य मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। नगर पालिका की टीमें विभिन्न वार्डों से गुजरने वाले नालों में जमा गाद, प्लास्टिक और अन्य कचरे को निकालने में जुटी हुई हैं।
हालांकि शहर के कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने इस अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि केवल ऊपरी स्तर की सफाई से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। लोगों का आरोप है कि शहर के कई नालों पर वर्षों से अतिक्रमण किया गया है, जिसके कारण सफाई कर्मचारी नालों की पूरी गहराई तक नहीं पहुंच पाते।
इस संबंध में नगर पालिका सचिव राजेश मेहता ने कहा कि सफाई कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। जिन स्थानों पर अतिक्रमण के कारण बाधाएं आ रही हैं, वहां भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।