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Palwal News: शिक्षकों को अनावश्यक कार्यों के लिए विद्यालय से बाहर न भेजें

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संवाद न्यूज एजेंसी
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नूंह। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, पंचकूला के संयुक्त निदेशक सुरेश कुमार ने कहा कि विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाने और शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार लाने के लिए सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों को टीम भावना से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए यह सुनिश्चित करे कि जिले का हर विद्यालय सुरक्षित, स्वच्छ, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बने।

मंगलवार को लघु सचिवालय नूंह के द्वितीय तल स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने जिले की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, जिला एफएलएन समन्वयक, जिला विज्ञान एवं गणित विशेषज्ञ, डाइट फैकल्टी, जिला परियोजना समन्वयक, जूनियर इंजीनियर, एसडीई, सभी क्लस्टर रिसोर्स सेंटर (सीआरसी) प्रमुख सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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उन्होंने सभी विद्यालयों में अध्यापकों एवं विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति प्रतिदिन एमआईएस पोर्टल पर दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम के लिए विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, सतत शैक्षणिक निगरानी और शिक्षकों की समयबद्ध उपस्थिति अत्यंत आवश्यक है। साथ ही शिक्षकों को अनावश्यक कार्यालयी कार्यों के लिए विद्यालय से बाहर न भेजने पर भी बल दिया, ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।

मिड-डे मील व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने भोजन तैयार करने और परोसने के स्थानों की स्वच्छता बनाए रखने तथा रोस्टर के अनुसार शिक्षकों की ड्यूटी लगाकर भोजन की गुणवत्ता और पोषण मानकों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रत्येक बुधवार विद्यार्थियों को आयरन-फोलिक एसिड (आईएफए) की गोलियां वितरित करने तथा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एल्बेंडाजोल दवा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। इसके अलावा बालिका मंच के माध्यम से किशोरी छात्राओं को सैनिटरी नैपकिन का नियमित वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

संयुक्त निदेशक ने सभी विद्यालयों को पूर्णतः नशा मुक्त और धूम्रपान मुक्त परिसर बनाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि स्कूलों में धूम्रपान निषेध संबंधी सूचना पट्ट अनिवार्य रूप से लगाए जाएं तथा विद्यालय के 100 मीटर के दायरे में निर्धारित मानकों के अनुसार चिन्हांकन किया जाए, जिससे तंबाकू एवं अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी स्थापित करने, बिजली, पेयजल और स्वच्छ शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रधानाचार्य कक्ष में सभी अध्यापकों की फोटो सहित अद्यतन सूची प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों को समय-समय पर सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने और पात्र विद्यार्थियों तक छात्र परिवहन योजना का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर भी जोर दिया।
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