पद्मश्री से सम्मानित व आरटीआई एक्टिविस्ट तथा सिटीजन वॉइस एसोसिएशन हरियाणा के मुख्य संरक्षक डॉ. ब्रह्मदत्त ने इंदिरा गांधी आवास योजना व मनरेगा योजना के तहत करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने घोटाले से संबंधित वीडियो और ऑडियो सीडी जारी करते हुए कहा कि किस तरह अधिकारियों व नेताओं ने दोनों योजनाओं के तहत गरीब लोगों का आर्थिक शोषण किया है।
डॉ. ब्रह्मदत्त के अनुसार होडल खंड के गांव बांसवा में 75 गरीब लोगों इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत मकान बनाने के लिए रुपये मंजूर हुए थे। योजना के अनुसार मकान बनाने के लिए 91 हजार रुपये मिलते हैं। लेकिन जिला प्रशासन के अधिकारियों व सरपंच की मिलीभगत से कई लोगों से उक्त राशी में से बतौर सुविधा शुल्क पंद्रह से तीस हजार रुपये लिए गए। इसके अलावा कई लोगों को फर्जी तरीके से जो कि पहले भी सुविधा का लाभ ले चुके थे, दोबारा राशि आवंटित की गई व एक ही परिवार के लोगों को नाम बदल-बदलकर कई बार रुपये आवंटित किए गए। उनके अनुसार आरटीआई से खुलासा हुआ है कि इंदिरा गांधी आवास योजना के तहत लगभग साढ़े तीन करोड़ का यह घोटाला सामने आया है।
डॉ. ब्रह्मदत्त के अनुसार इसी प्रकार मनरेगा स्कीम के तहत भी घोटाला किया गया है। उनके अनुसार मनरेगा में व्यक्ति से काम कराया जाता है लेकिन वहां पर मशीनों से काम कराया गया है व गांव के गरीब लोगों के फर्जी जॉब कार्ड बनाकर उनके नाम से बैंक से रुपये निकाले गए। मनरेगा स्कीम के तहत गांव के लोगों से काम नहीं कराया गया जबकि उनकी हाजरी रिकॉर्ड में दर्ज कर दी गई। उन्होंने इस प्रकार के कई लोगों को भी मीडिया के सामने हाजिर किया। इस अवसर पर उनके साथ आरटीआई कार्यकर्ता राजन गुप्ता, ऋषि भारद्वाज, सुभाष व विवेक कुमार आदि भी मौजूद रहे।