फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा विभाग को नहीं पता कितने स्कूल मान्यता प्राप्त

Fri, 29 Apr 2016 05:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पलवल
विज्ञापन
स्कूल - फोटो : file photo
विज्ञापन
छात्रों को शिक्षा देकर उन्हें समाज में स्थान दिलाने की जिम्मेदारी निभाने वाला शिक्षा विभाग अपने विभाग के बारे में ही अज्ञान है। शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारियों को इतना तक नहीं पता है कि उनके क्षेत्र में कितने स्कूल मान्यता प्राप्त हैं तथा कितने बिना मान्यता के ही छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। 
विज्ञापन


आलम यह है कि अभिभावकों को निजी स्कूल में दाखिला कराने से पहले खुद ही स्कूल के बारे में सारी जानकारी लेनी होगी, अगर वह विभागीय अधिकारियों से मान्यता संबंधी जानकारी लेना चाहेंगे तो उन्हें शायद ही जानकारी मिल पाए। अमर उजाला ने बुधवार को निजी स्कूलों की शिक्षा की गुणवत्ता पर खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय से जानकारी लेनी चाही तो वे खुद ही इस बात से अनभिज्ञ मिले कि कितने स्कूल मान्यता लेकर चल रहे हैं।  
----
शिक्षा विभाग की सूची में 175 स्कूल : 
- खंड शिक्षा कार्यालय के अनुसार पलवल खंड में कुल 175 स्कूल खुले हुए हैं। इनमें सीबीएसई व हरियाणा शिक्षा बोर्ड दोनों के तहत चलने वाले स्कूल शामिल हैं। सूची के अनुसार सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल व डीजीखान स्कूल दो ऐसे स्कूल हैं जिन्हें की सरकार से सहायता तो मिलती है, लेकिन इन स्कूलों में किसी के भी पास किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है, इनके संबंध में खंड शिक्षा कार्यालय में कोई जानकारी नहीं है। 
विज्ञापन

----
- हमारे पास निजी स्कूलों की सूची तो है, लेकिन उनमें से कितनों के पास मान्यता है व कितनों के पास नहीं है इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है। वे खुद भी इसकी लिस्ट बनाने में लगे हुए हैं कितने स्कूल बिना मान्यता के चल रहे हैं। 
-अशोक बघेल, खंड शिक्षा अधिकारी, पलवल।

बीईओ कार्यालय में लगा बोर्ड दे रहा है शिक्षा की गुणवत्ता का प्रमाण
शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा देने के लाख दावे करे, लेकिन उनके कार्यालयों में लगे शिलापट ही उनके दावों को आइना दिखा रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में कार्यरत रहे अधिकारियों की जानकारी देने के लिए जो बोर्ड लगाया गया है, उसमें बीईओ अशोक बघेल के नाम की लिखी स्पैलिंग ही ठीक नहीं। अमर उजाला ने बीईओ साहब का ध्यान जब इस तरफ दिलाया तो उन्होंने कहा कि इसमें और भी कमियां हैं, जिन्हें शीघ्र ही ठीक कराया जाएगा।      
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें