जिला नगर योजनाकार ने एसडीएम के नेतृत्व में बुधवार को गांव असावटी में अवैध निर्माण बताकर मकानों को बिना कोई सूचना दिए तोड़ दिया। जिसके विरोध में बृहस्पतिवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर डीआरओ को डीसी के नाम ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों ने डीसी को सौंपे ज्ञापन में आरोप लगाया है कि डीटीपीओ ने एसडीएम अमित खत्री के नेतृत्व में बिना सूचना के तोड़फोड़ दस्ते के साथ दर्जनों मकानों पर बुधवार देर शाम जेसीबी मशीन चलाकर धराशायी कर दिया।
आरोप है कि मकान मालिकों ने जब तोड़फोड़ का विरोध किया तो जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने महिलाओं से अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
जिला उपायुक्त ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि वे चुनकर पांच आदमियों की एक कमेटी बनाएं और उसके बाद विचार किया जाएगा। डीसी ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और न्याय किया जाएगा। विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व नैनपाल रावत ने किया।
प्रदर्शन में अर्जुन पंच, राजेश रावत, सुनील रावत, कुलदीप कौशिक, जगन पूर्व सरंपच, धर्मपाल, किरण पहलवान, सविता, हरवती, मेमवती, सुनीता, सुशीला, प्रेमवती, सुमन, रीना और सरोज सहित सैकडों ग्रामीण शामिल थे।
इस संबंध में डीटीपीओ रवि सिहाग का कहना था कि पृथला डेवलपमेंट जोन क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों पर रोक लगाने के लिए विभाग की कार्रवाई जारी है।
गांव असावटी में अवैध रूप से कॉलोनी बसाई जा रही थी, जिसके लिए विभाग ने पहले लोगों को नोटिस दिए और बुधवार को एसडीएम के नेतृत्व में तोड़फोड़ की है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के आरोप गलत हैं।