पलवल। मीशो कार्ट डॉट कॉम वेब साइट की आड़ में इनाम जीतने का लालच देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की डिटेक्टिव व साइबर शाखा सहित कैंप थाना पुलिस संयुक्त अभियान चलाकर गिरोह के सरगना सहित चार सदस्यों को काबू किया है। पुलिस ने गिरोह द्वारा फरीदाबाद में चलाए जा रहे साइबर सेंटर पर छापा मारकर 20.68 लाख रुपये, आठ कंप्यूटर सेट, 16 लैंडलाइन फोन, दो लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड व फोन बुक बरामद की है। आरोपियों ने पलवल निवासी युवक से 25 लाख रुपये की ठगी की थी, जिसकी शिकायत पर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर कार्रवाई की। डीएसपी शिव अर्चन शर्मा ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता कर गिरोह के बारे में जानकारी दी।
डीएसपी शर्मा ने बताया कि शिव कॉलोनी निवासी ध्रुव वत्स ने कैंप थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि बीती 24 नवंबर को उसके पास मीशो कार्ट डॉट कॉम कंपनी से फोन आया। आईफोन 12 उपहार में देने के नाम पर अलग-अलग टैक्स और सुविधाओं के नाम पर कंपनी वालों ने कुल 25,23,143 रुपये विभिन्न खातों में डलवा लिए। उसके बाद बीती 30 जनवरी को 6.79 लाख रुपये की मांग करने लगे। परेशान होकर मामले की शिकायत पुलिस को दी गई।
कैंप थाना प्रभारी कैलाश चंद्र भड़ाना, डिटेक्टिव शाखा प्रभारी सत्यवान व साइबर शाखा प्रभारी विनोद कुमार के नेतृत्व में टीम ने मामले की जांच की। शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया। नंबर की लोकेशन को लेकर फरीदाबाद के सेक्टर 11 स्थित साइबर सेंटर पर छापा मारा गया। इसमें चार आरोपियों को काबू कर सेंटर का सामान बरामद किया। आरोपियों ने अपने नाम दिल्ली की गोबिंदपुरी निवासी मनमोहन सिंह उर्फ मन्नू, फरीदाबाद निवासी प्रदीप कुमार, यूपी के देवरिया जिला निवासी सुमित राय व जैतपुर दिल्ली निवासी बलराम उर्फ गोलू बताया। पुलिस ने आरोपियों से 16 लैंडलाइन फोन, आठ कंप्यूटर सैट, दो लैपटॉप, चार मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, फोन बुक सहित 20.68 लाख रुपये बरामद किए हैं।
पहले भी लोगों को बनाया है ठगी का शिकार
डिटेक्टिव स्टाफ प्रभारी सत्यवान ने बताया कि दिल्ली के गोबिंदपुरी निवासी बीए पास मनमोहन सिंह ने गिरोह का सरगना है। मनमोहन ने साइबर ठगी की योजना बनाकर टीम बनाई। पहले साइबर सेंटर में काम कर चुके साइबर एक्सपर्ट प्रदीप कुमार व बलराम उर्फ उर्फ गोली को टीम में लिया। उसके बाद सुमित राय को फाइनेंसर के तौर पर रखा गया। उन्होंने बताया कि आरोपी तीन-चार महीने के लिए अलग-अलग स्थानों पर सेंटर खोलकर ठगी करते थे। उसके बाद कुछ समय के लिए बंद कर देते थे।
फोनबुक के जरिये करते थे फोन व मैसेज
आरोपी अपने पास फोनबुक रखते थे, जिसमें दर्ज नंबरों के आधार पर इनाम जीतने के संदेश लोगों को भेजते थे। ऑनलाइन शॉपिंग करते ही ग्राहक के पास फोन कर ठगी का शिकार बनाते थे। आरोपियों ने फरीदाबाद के 11 सेक्टर में पूरा फ्लोर लेकर साइबर सेंटर बनाया हुआ था। आरोपियों के पांचवें साथी ओमप्रकाश ने ओपी इंटरप्राइजेज के नाम से विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए, जिनमें ग्राहकों द्वारा रुपये डलवाए जाते थे। रुपये डलने के बाद एटीएम के जरिये रुपयों को निकाल लिया जाता था।
रिमांड के दौरान हो सकते हैं खुलासे
पुलिस ने बताया कि चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान गिरोह के पांचवें सदस्य ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया जाएगा तथा बकाया राशि की बरामदगी की जाएगी। आरोपियों को द्वारा इससे पहले की गई ठगी के भी खुलासे किए जाएंगे।