बृहस्पतिवार को 13008 (तूफान एक्सप्रेस) में एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के जन्म के बाद आरपीएफ ने महिला को सिविल अस्पताल भिजवाया। लेकिन करीब आधे घंटे तक महिला को अस्पताल में प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल सका।
मध्यप्रदेश के गांव रघुनाथ गढ़ निवासी जगप्रताप सिरसा में राज मिस्त्री का कार्य करते हैं। उनकी पत्नी सविता भी उनके साथ ही मजदूरी करती है। सरिता गर्भवती थी तथा अपने पति के साथ तूफान एक्सप्रेस से गांव जा रही थी। रास्ते में सविता को प्रसव पीड़ा शुरु हो गई। पलवल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकी तो सविता ने एक बच्ची को ट्रेन में ही जन्म दिया।
आरपीएफ ने तुरंत एंबुलेस का प्रबंध कर उसे अस्पताल पहुंचाया। सिविल अस्पताल में महिला को आधे घंटे तक बिस्तर उपलब्ध नहीं कराया गया। बच्चे को लेकर महिला करीब आधे घंटे तक प्रसूति कक्ष के बाहर लोहे की कुर्सी पर बैठी रही। सविता के पति जगप्रताप ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि पहले तो स्टॉफ द्वारा पर्ची बनवाने को लेकर 20 मिनट तक उसे इधर-उधर घुमाया गया। काफी देर के प्रयास के बाद बैड मिला।
एसएमओ डॉ. बीर सिंह सहरावत का कहना है कि महिला को तुरंत बैड उपलब्ध करा दिया गया था। उसे अस्पताल में भर्ती कर सभी सुविधाएं दी गईं हैं।