अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद सिरोह की अदालत ने हत्या के प्रयास के एक मामले में पांच लोगों को सात साल की सजा सुनाई है। पांचों आरोपियों को 25-25 हजार रुपये जुर्माना भरने की भी सजा सुनाई है, जिनमें से 50 हजार रुपये की राशि पीड़ित पक्ष को दी जाएगी। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को छह-छह माह की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
16 अक्टूबर 2014 को गांव भवाना निवासी मान सिंह, चंदर, संतराम, सुभाष एक झगड़े में गंभीर रूप से घायल अवस्था में निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे। चांदहट थाना पुलिस को संतराम ने बयान दिया था कि वह अपने भाई सुभाष, चाचा चंदर तथा परिवार के ही भतीजे मान सिंह के साथ घर में बैठे हुए थे।
गांव निवासी नत्थी भी उनके रिश्ते में चाचा लगता है। सभी के साथ-साथ प्लॉट हैं। कुछ जमीन उन्होंने आपस में बांटी थी, जिसकी पैमाइश भी करवाई थी। मापतौल को लेकर उनके साथ कुछ विवाद हो गया था।
इसके चलते नत्थी, उसके पुत्र महेश, ओमप्रकाश, रवि व राजेंद्र ने तलवार, फरसा, बल्लम आदि हत्यारों से उन पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। मामले में पुलिस ने संतराम के बयान पर पांचों आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।
मामले में समय-समय पर पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से ही अदालत में मामला चल रहा था। मामले में अदालत ने सुनवाई पूरी होने के बाद बुधवार को पांचों आरोपियों को दोषी करार दे दिया था, जिन्हें बृहस्पतिवार को सजा सुनाई गई।