जिला स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टरों की धरपकड़ के लिए अभियान तेज कर दिया है। इसके लिए विभाग ने नोडल अधिकारी नियुक्त कर टीम का गठन कर दिया है। बृहस्पतिवार को अभियान के पहले दिन एक झोलाछाप डॉक्टर को गिरफ्तार कर क्लीनिक को सील कर दिया गया और प्रतिबंधित दवाइयों को जब्त कर लिया गया। मामले में सदर थाना पुलिस ने टीम के नोडल अधिकारी की शिकायत पर आरोपी चिकित्सक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सीएमओ डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता के अनुसार उन्हें पिछले काफी समय से ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टरो द्वारा अवैध रुप से क्लीनिक चलाने की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम का गठन किया गया व टीम के नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार को सौंपी गई।
अभियान के तहत टीम ने बृहस्पतिवार को गांव पिंगौड में बस स्टैंड चौक पर स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक पर छापेमारी की। वहां पर कार्यरत चिकित्सक रमेश उर्फ रमेशचंद से नियमानुसार क्लीनिक चलाने के कागजात मांगे गए तो वह कागजात दिखाने में नाकाम रहा। इस पर टीम ने क्लीनिक पर मौजूद दवाइयों को सील कर दिया और आरोपी चिकित्सक रमेश उर्फ रमेशचंद के खिलाफ सदर थाना पुलिस को शिकायत दी।
सब-इंस्पेक्टर देशराज के अनुसार डॉ. राजकुमार की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है। टीम की जांच के दौरान आरोपी डॉक्टर मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी है।