अवैध लॉटरी (कमेटी) सरगनाओं द्वारा शहर में लोगों की मेहनत की कमाई को ठगने का सिलसिला जारी है। पिछले दो महीनों में इस प्रकार के तीन कमेटी संचालक करीब 200 करोड़ रुपए की ठगी कर फरार हो चुके हैं, वहीं और भी कई कमेटी संचालकों की भी चर्चा जोरों पर हैं।
दो मामलों में शिकायतों पर पुलिस ने दो संचालकों सहित सात लोगों के खिलाफ केस भी दर्ज किए हैं। एक आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस न्यायिक हिरासत में भी भेज चुकी है। फर्जीवाड़ा करने वालों में एक तथाकथित पत्रकार भी शामिल है।
कमेटी संचालक लोगों को उनकी रकम में भारी मुनाफे का झांसा देकर कमेटी में शामिल करते हैं। शिकार जब इनके जाल में फंस जाता है तो उसे लूट लिया जाता है।
कमेटी संचालकों के भागने का सिलसिला अप्रैल माह में शुरू हुआ था। जवाहर नगर निवासी श्रवण कुमार नामक कमेटी संचालक ने करीब 300 लोगों से 40 से 50 करोड़ रुपए की ठगी कर फरार हुआ था। श्रवण कुमार की ठगी के शिकार लोगों में कई तो ऑटो-रिक्शा संचालक भी थे। ठगी के शिकार लोगों ने पुलिस को शिकायत की तो पुलिस ने उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी श्रवण कुमार तभी से ही न्यायिक हिरासत में है।
इसी प्रकार जून माह में न्यू कॉलोनी में कार्यालय खोलकर कमेटी चलाने वाला रामबीर सिंह भी सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाकर फरार हो गया। रामबीर किसी समय एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में पत्रकारिता करता रहा है व पिछले दिनों से वह एक मैग्जीन का संचालन कर रहा था। उसके फर्जीवाड़े का शिकार हुए लोगों के अनुसार करीब 50 से 60 करोड़ रुपये की ठगी करने के समाचार हैं। मामले में अभी तक पुलिस को कोई शिकायत नहीं मिली है। वहीं उसके पास कमेटियां डालने वालों ने उसके कार्यालय व सेक्टर-2 के निवास पर कब्जा जमा लिया है।
बृहस्पतिवार को भी न्यू कॉलोनी निवासी कुश चौधरी व उसके पिता प्रवीन चौधरी भी इसी प्रकार फर्जीवाड़ा कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि पिता-पुत्र की जोड़ी शहर के लोगों को करीब 100 करोड़ से भी अधिक की चपत लगाकर गए हैं।
न्यू कॉलोनी निवासी ट्रांसपोर्टर तरंग आहूजा ने कैंप थाने में पिता-पुत्र सहित उनके दूसरे पुत्र अंकित चौधरी, प्रवीन चौधरी की पत्नी प्रिया चौधरी व कुश की पत्नी कनिका के खिलाफ शिकायत की है, जिस पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।