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फर्जी गर्भपात केंद्र का खुलासा, दंपति गिरफ्तार

Thu, 14 Jul 2016 04:28 PM IST
palwal
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1-पुलिस की गिरफ्त में अवैध गर्भपात केंद्र की संचालक बीरबती। (गुलाबी चुन्नी में) - फोटो : अमर उजाला
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 स्वास्थ्य विभाग ने कैंप थाना क्षेत्र में स्लम एरिया हरी नगर में एक अवैध गर्भपात केंद्र का खुलासा किया है। विभाग को सूचना मिली थी कि एक महिला अपने घर में अवैध रूप से गर्भपात करती है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस बल के साथ मिलकर बुधवार सुबह छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान महिला व उसके पति को मौके पर ही दबोच लिया गया।
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 टीम ने अवैध केंद्र से बड़ी मात्रा में गर्भपात में काम आने वाली दवाइयां और औजार बरामद किए हैं। कई प्रकार की एक्सपायरी दवाएं भी मिली हैं। विभाग ने केंद्र को सील कर आरोपी महिला व उसके पति को काबू कर पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।  सीएमओ डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता के अनुसार मंगलवार को उन्हें सूचना मिली थी कि हरी नगर में बीरबती पत्नी बिजेंद्र अवैध रूप से गर्भपात केंद्र चला रही है। सूचना पर उन्होंने एक गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाकर बीरबती के पास भेजा।

ग्राहक बनी गर्भवती महिला द्वारा यह कहे जाने पर कि उसके गर्भ में छह माह का कन्या भ्रूण है, उसका गर्भपात कराना है। बीरबती ने तुरंत हामी भरते हुए 9500 रुपए में सौदा तय कर लिया और बुधवार की सुबह उसे अपने घर बुला लिया। 
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सीएमओ गुप्ता ने बुधवार को फर्जी ग्राहक बनी गर्भवती महिला को एक-एक हजार के नौ नोट व पांच सौ का एक नोट (9500 रुपये) साइन करके बीरबती के पास भेज दिया। कार्रवाई के लिए उप सिविल सर्जन डॉ. संध्या गुप्ता की अगुवाई में डॉ. जेपी प्रसाद, डॉ. प्रवीन, डॉ. अवंतिका, आशा कॉर्डिनेटर मधु चौधरी व ओमबीर डागर की स्वास्थ्य विभाग की टीम का गठन किया गया। पुलिस विभाग की तरफ से महिला हेड कांस्टेबल जगवती, कांस्टेबल भूप सिंह, चरण सिंह, मनीष व महेंद्र सिंह को भी टीम में शामिल किया गया।  


उप सिविल सर्जन व टीम की संयोजक डॉ. संध्या गुप्ता के अनुसार बीरबती ने ग्राहक बनी महिला से 9500 रुपए लेकर गर्भपात के लिए इस्तेमाल की जाने वाली गोली खाने के लिए दी, उसी समय टीम ने मौके पर उसे दबोच लिया। डॉ. संध्या के अनुसार मौके से टीम को एक और गर्भवती महिला मिली, जिसे प्रसव के लिए भर्ती किया गया था। बीरबती के बनाए क्लीनिक से पुलिस ने भारी मात्रा में इंजेक्शन सहित कई दवाएं मिली हैं। इनमें से कई तो एक्सपायरी डेट की भी थीं। कैंप थाना पुलिस ने आरोपी दंपति के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। 
 
-आरोपी महिला के फर्जी केंद्र से स्वास्थ्य विभाग की टीम को फोर्टविन के इंजेक्शन सहित कई ऐसी दवाएं मिली हैं, जो आसानी से बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। इन दवाओं को डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं दिया जा सकता है। पुलिस को तफ्तीश के दौरान इस बात का पता लगाना चाहिए कि आखिर बीरबती को यह दवाएं कौन उपलब्ध कराता था और उसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं। अब हमारी कोशिश है कि कोख के हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके। 
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-डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सीएमओ, पलवल। 
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