हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की चल रही दसवीं व 12वीं कक्षा की परीक्षाओं में नकल रुकने का नाम ही नहीं ले रही हैं। धारा-144 लगी होने के बावजूद नकल फेंकने वालों पर पुलिस द्वारा शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। जहां परीक्षा केंद्रों के बाहर नकल फेंकने वालों का तांता लगा रहता है, वहीं अंदर परीक्षार्थी जमकर नकल करने में लगे रहते हैं। सोमवार को भौतिकी व सामाजिक अध्ययन का पेपर था।
इस पेपर में परीक्षा केंद्रों पर जमकर नकल हुई। सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के परीक्षा केंद्र पर तो उड़न दस्ते ने पांच बच्चों को नकल करते हुए पकड़ लिया। उडन दस्ते ने उन नकल करने वाले बच्चों का मौके पर ही केस बना दिया। जबकि इसी स्कूल के एक अध्यापक को तुरंत प्रभाव से रिलीव कर दिया। बताया गया कि जिस अध्यापक को रिलीव किया गया, उसके कक्ष में बच्चे खुलेआम नकल कर रहे थे और वे आराम से बैठे थे। उस कमरे से बाहर से फेंकी जा रही काफी व पर्चियां पाई गईं। वहीं अन्य परीक्षा केंद्रों पर भी नकल का यही आलम था।
भीड़ ने बाउंड्री वॉल के हिस्सों को तोड़ा
उधर, हथीन में भी हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में इस बार नकल के रिकॉर्ड टूट रहे हैं। हालात यह बने हैं कि हथीन के परीक्षा केंद्रों पर व्यापक पैमाने पर सामूहिक रूप से नकल कराई जा रही है। निषेध आज्ञा का उल्लंघन करते हुए परीक्षा केंद्रों पर सैकड़ों नकल कराने वालों का हुजूम उमड़ा रहता है।
सोमवार को बारहवीं के फिजिक्स के पेपर में जमकर नकल चली। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कन्या एवं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बाल दोनों ही परीक्षा केंद्रों पर सामूहिक नकल होती रही। परीक्षा केंद्रों के बाहर उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर बाउंड्री वॉल के हिस्सों को तोड़ दिया तथा व्यापक पैमाने पर नकल कराई। हालात यह बने रहे की पुलिस भी बेबस नजर आई। रोचक बात तो यह रही कि 12वीं के फिजिक्स के पेपर के लिए नकल बनाने का काम चौथी व पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र गाइडों को तैयार कर रहे थे। परीक्षा केंद्रों पर नकल की पर्चियों के ढेर पड़े हैं, जो कि परीक्षा प्रणाली के प्रबंधों को खुली चुनौती दे रहे हैं।
फर्जी परीक्षार्थी दे रहे हैं परीक्षा
जानकारी के मुताबिक, परीक्षा केंद्रों में फर्जी परीक्षार्थी भी जमकर परीक्षा दे रहे हैं। आधार कार्ड लिंक होने के बावजूद पात्र छात्रों के बदले में फर्जी परीक्षार्थी बैठे हुए हैं। पुलिस ने ऐसे ही दो परीक्षार्थियों को पकड़ लिया, परंतु शिक्षण स्टाफ ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने की शिकायत तक दर्ज नहीं कराई। एसएचओ देवेंद्र सिंह का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने की ड्यूटी संबंधित स्टाफ की है। हम कार्रवाई करने को तैयार हैं।