जान से मारने की धमकी देने के मामले में कैंप थाना पुलिस ने शुक्रवार को कांग्रेसी विधायक के भाई व पुलिस के एक बर्खास्त थानेदार सहित तीन लोगों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। मामला नौ माह पुराना है व उच्च न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुआ था।
वहीं शिकायतकर्ता का आरोप है कि पुलिस मामले में शामिल प्रभावशाली लोगों व पुलिस अधिकारियों को बचा रही है, जबकि पुलिस का कहना है कि जिन लोगों के खिलाफ सुबूत पाए गए हैं, उन्हें अदालत में पेश कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 20 जुलाई, 2015 को कैंप थाने में 19 लोगों के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। केस फरीदाबाद निवासी (मूल निवासी पलवल) अशोक शर्मा द्वारा उच्च न्यायालय में दायर इस्तगासा पर दर्ज किया गया था। मामले में राजनीतिज्ञों व प्रभावशाली लोगों सहित पुलिस अधिकारियों के नाम भी शामिल थे।
जांच करते हुए कैंप थाना पुलिस ने शुक्रवार को चालान पेश करते हुए पलवल के कांग्रेसी विधायक करण सिंह दलाल के छोटे भाई व को-ऑपरेटिव बैंक के पूर्व चेयरमैन प्रेम सिंह दलाल, एक मामले में बर्खास्त चल रहे एएसआई जितेंद्र चौहान व गांव लालवा निवासी अशोक को सौरभ गुसांई की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।
पुलिस सारे मामले में मुख्य आरोपियों को बचा रही है। वर्ष 2007 में एक मामले में एक व्यापारिक घराने के साथ हुए विवाद के चलते उनका शोषण किया था। सारे परिवाद पर सुनवाई के बाद उच्च न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज हुआ था, लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने कई आरोपियों को निकाल दिया है। वे मामले में एक बार पुन: हाईकोर्ट की शरण लेंगे।
-अशोक कुमार शर्मा, शिकायतकर्ता