बाइक सवार लोगों द्वारा 50 हजार रुपये लूट की सूचना देकर पुलिस को छकाने का मामला फर्जी पाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मामले की जांच की तो पता चला कि शिकायतकर्ता ने मनगढ़ंत कहानी रची थी। अब पुलिस शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
रविवार की शाम को हसनपुर निवासी मनीष यादव पुत्र रामानन्द यादव ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह पलवल खंड के गांव अमरपुर निवासी धीरज बघेल से 50,000 रुपये लेकर अपनी कार से पलवल से हसनपुर आ रहा था। शाम करीब आठ बजे गांव गुलावद के नजदीक दो पल्सर बाइकों पर आए चार बदमाशों ने तमंचा दिखाते हुए उससे 50 हजार रुपये लूट लिए। थाना हसनपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पैसे छीनने तथा शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया था।
एसपी सुलोचना गजराज ने मंगलवार को बताया कि शिकायतकर्ता के बयानों में विरोधाभास नजर आ रहा था। मामले की जांच डीएसपी मोजी राम द्वारा की गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता मनीष यादव के दोस्त घीरज बघेल निवासी गांव अमरपुर ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने मनीश यादव को उस दिन रुपये नहीं दिए थे। जांच के दौरान जब मनीष से पूछताछ की गई तो उसने कबूल कर लिया कि वह धीरज से कोई पैसा नहीं लाया था और उसने यह कहानी झूठी रची थी। एसपी गजराज ने बताया कि मामले में पुलिस को शिकायकर्ता के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।