- गांवों में टीकाकरण का काम जारी, गांव में लगाया गया स्वास्थ्य शिविर
- निरंतर जांच कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है स्वास्थ्य विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। गलघोंटू (डिप्थीरिया) से गांव उटावड़ में हुई तीन मौतों के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने गांवों में टीकाकरण का काम तेज कर दिया है। गांव उटावड़ में स्वास्थ्य शिविर लगा निरंतर बच्चों की जांच की जा रही है। सोमवार को जिला सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार गर्ग ने गांव उटावड़ का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर वैक्सीनेशन के प्रबंधों की समीक्षा की। उन्होंने हथीन उपमंडल के नोडल अधिकारी सुरेंद्र आर्य एवं राजकुमार से भी बात कर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के सख्त निर्देश दिए।
दरअसल, हथीन क्षेत्र में गलघोटू की बीमारी तेजी से फैल रही है। उटावड़ गांव में बीमारी से तीन बच्चों की मौत के बाद विभाग सतर्क हुआ और बच्चों का जांच अभियान शुरू किया। अब निरंतर बच्चों की जांच की जा रही है। बीमारी के चलते स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक भी हथीन क्षेत्र का दौरान कर चुके हैं। सोमवार को जिला सिविल सर्जन डॉ. नरेश कुमार गर्ग ने दोबारा उटावड़ गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि उटावड़ में अब तक 550 बच्चों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। सोमवार को भी 150 बच्चों को वैक्सीन लगाई गई है। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जिसमें बीमारी से ग्रस्त बच्चों की जांच की जा रही है।
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जांच टीमों में ईएनटी डॉक्टर को किया शामिल
नोडल अधिकारी सुरेंद्र आर्य ने बताया कि गांव उटावड़ में अभी भी डॉक्टरों की चार टीमें जुटी हुई हैं। टीम में ईएनटी डॉक्टरों को शामिल किया गया है। तीन टीमों को उटावड़ गांव की 22 हजार की आबादी के लिए उतारा गया है। एक टीम को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उटावड़ में रखा गया है। यह टीम केंद्र में आने वाले बच्चों की जांच कर दवाइयां दे रही है। गंभीर मरीजों को पलवल व नल्हड़ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उटावड़ सहित आसपास के अन्य गांवों में भी निरंतर टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है।