आयुष्मान मंदिरों के केवल कागजों पर संचालित होने का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले के स्वास्थ्य विभाग में चल रहे कथित भ्रष्टाचार की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंचने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। बृहस्पतिवार को अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में हुए कथित भ्रष्टाचार की जांच के लिए सीएम फ्लाइंग ने छापेमारी की तथा संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों से पूछताछ की। कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज टीम के हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
जिले में चार आयुष्मान आरोग्य मंदिर चल रहे हैं। इन पर आरोप है कि ये सिर्फ कागजों में संचालित हैं। इनका लाभ लोगों को नहीं मिल रहा है। मरोड़ा के सतीश ने इसकी शिकायत विंडो पर की थी। इस मामले में स्थानीय स्तर पर कमेटी गठित की गई थी। इसमें एनएचएम के कंप्यूटर ऑपरेटर वसीम, वर्तमान डिप्टी सीएमओ डॉ. विशाल सिंगला, पूर्व सीएमओ सर्वजीत थापर तथा पूर्व सिविल सर्जन एवं वर्तमान डीजी हेल्थ सर्विसेज डॉ. राजीव बातिश को दोषी ठहराया गया था और 5 लाख 40 हजार रुपये रिकवर किए गए। हालांकि, आरोपियो के खिलाफ कार्रवाई न होने के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को इससे अवगत कराया गया।
बृहस्पतिवार को पहुंची टीम ने सिविल सर्जन कार्यालय में डिप्टी सीएमओ डॉ. विशाल सिंगला से करीब घंटेभर तक पूछताछ की। वहीं, फिरोजपुर झिरका सीएचसी में भी टीम ने सीएमओ तथा अन्य से पूछताछ की। सीएम फ्लाइंग के डीएसपी शाकिर खान ने बताया कि जांच में महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।