- मजनू का टीला से ओल्ड रेलवे ब्रिज तक बनेगी फ्लड प्रोटेक्शन वॉल, 2027 मानसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने यमुना की बाढ़ से राजधानी को सुरक्षित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मजनू का टीला से ओल्ड रेलवे ब्रिज (ओआरबी) तक 4.72 किलोमीटर लंबी फ्लड प्रोटेक्शन दीवार के निर्माण को मंजूरी देने की घोषणा की है। परियोजना को अगले मॉनसून 2027 से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम ने बताया कि रिंग रोड के किनारे बनने वाली यह दीवार सिविल लाइंस, कश्मीरी गेट, यमुना बाजार और मजनू का टीला जैसे संवेदनशील इलाकों को बाढ़ से बचाने के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का काम करेगी। उन्होंने कहा कि वर्षों से यमुना का जलस्तर बढ़ने पर सबसे पहले इन्हीं निचले इलाकों में पानी प्रवेश करता है, जिससे जनजीवन प्रभावित होता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुंच गया था, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर रहा। वहीं 2025 में भी नदी ने खतरे के निशान को पार करते हुए 207.48 मीटर का स्तर छुआ। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने स्थायी समाधान की दिशा में यह कदम उठाया है। यह परियोजना अगस्त 2024 में तैयार की गई जॉइंट फ्लड कमिटी की रिपोर्ट पर आधारित है, जिसमें केंद्रीय जल एवं विद्युत अनुसंधान केंद्र (सीडब्ल्यूपीआरएस), पुणे के विशेषज्ञों ने हाइड्रोलिक मॉडल अध्ययन के बाद इस दीवार को दीर्घकालिक समाधान बताया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीवार न केवल बाढ़ के पानी को शहर में प्रवेश करने से रोकेगी, बल्कि नदी किनारों के कटाव को भी कम करेगी और आसपास की सड़कों व इमारतों की नींव को सुरक्षित बनाएगी। साथ ही, इससे अवैध कचरा डंपिंग पर रोक लगेगी और यमुना के फ्लड-प्लेन के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। सरकार का दावा है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली को हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से स्थायी राहत मिल सकेगी और शहरी अवसंरचना को भी मजबूती मिलेगी।